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गोंडा में एफएसडीए की बड़ी कार्रवाई, तीन अवैध गोदामों से 1.13 करोड़ की नशीली दवाएं जब्त

 

लखनऊ, 19 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने नकली और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना लाइसेंस संचालित तीन गोदामों पर छापा मारा। तीन दिन तक चले अभियान में 1.13 करोड़ रुपये मूल्य की नारकोटिक्स और अन्य एलोपैथिक दवाएं जब्त की गईं। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि मुख्य आरोपी फरार है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मुख्यालय, लखनऊ के निर्देश पर एकत्र अभिसूचना के आधार पर 16 से 18 जुलाई तक गोंडा के बरियारपुरवा सोनार गली, बड़गांव क्षेत्र में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। कार्रवाई में नौ जिलों के औषधि निरीक्षकों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही। जांच के दौरान गोंडा-बलरामपुर रोड स्थित जयनगरा, बड़गांव में पंजीकृत अमन फार्मास्युटिकल्स अपने लाइसेंस वाले पते पर संचालित नहीं मिली।

पूछताछ के बाद टीम संचालक अमन कसौधन के घर पहुंची, जहां उसके भाई शिवम कसौधन ने स्वीकार किया कि वे बिना किसी वैध औषधि लाइसेंस के बरियारपुरवा स्थित गोदाम से दवा कारोबार कर रहे हैं। जांच के दौरान टीम को दो अन्य अवैध गोदामों की भी जानकारी मिली, जहां भारी मात्रा में दवाएं भंडारित थीं। छापेमारी के दौरान संचालक दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित कोई वैध अभिलेख, बिल या स्टॉक रजिस्टर प्रस्तुत नहीं कर सके।

कार्रवाई में कोडीन फॉस्फेट सिरप, ट्रामाडोल इंजेक्शन, अल्प्राजोलम टैबलेट समेत बड़ी मात्रा में मनःप्रभावी और नशीली दवाएं बरामद की गईं। जब्त दवाओं में करीब 1.96 लाख ट्रामाडोल इंजेक्शन, 60 हजार अल्प्राजोलम टैबलेट, 63 बोतल कोडीन फॉस्फेट सिरप के अलावा लाखों की संख्या में विभिन्न कैप्सूल और टैबलेट शामिल हैं। जब्त दवाओं का अनुमानित मूल्य 1.13 करोड़ रुपये आंका गया है। एफएसडीए ने 19 दवाओं के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे हैं।

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित व्यक्तियों और फर्मों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने शिवम कसौधन को गिरफ्तार कर लिया जबकि मुख्य आरोपी अमन कसौधन फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

एफएसडीए ने बताया कि मनःप्रभावी और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार तथा इनके दुरुपयोग को देखते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली नगर, गोंडा में स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 की धारा 8/21 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में अवैध और नकली दवाओं के नेटवर्क के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा।

--आईएएनएस

विकेटी/पीएम