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गोवा के 40वें स्थापना दिवस पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने पूर्व सीएम पर्रिकर की सादगी को किया याद

 

नई दिल्ली, 30 मई (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शनिवार को पणजी में गोवा के 40वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को भी याद किया।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि आज जब हम गोवा राज्य स्थापना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर का जश्न मना रहे हैं तो हम आदरपूर्वक मनोहर पर्रिकर को याद करते हैं। एक ऐसे दूरदर्शी नेता, जिनकी सादगी, ईमानदारी और समर्पण ने गोवा की प्रगति पर एक अमिट छाप छोड़ी है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि गोवा विरासत और प्रगति, परंपरा और आधुनिकता, तथा स्थानीय गौरव और वैश्विक दृष्टिकोण के संगम पर स्थित है। उन्होंने कहा कि 'ब्लू इकोनॉमी' भारत की प्रगति के प्रमुख स्तंभों में से एक होगी और इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि गोवा इस क्षेत्र में एक अग्रणी के रूप में उभर रहा है।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पणजी में 40वें गोवा राज्य स्थापना दिवस समारोह के दौरान महान कार्टूनिस्ट मारियो मिरांडा का स्मारक डाक टिकट जारी किया।

उन्होंने कहा कि गोवा भारत के विकास और नवाचार के अगले चरण में योगदान देने के लिए एक विशिष्ट स्थिति में है। गोवा कोई छोटा राज्य नहीं बल्कि एक सुंदर राज्य है; गोवा सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता वाला एक पर्यटन स्थल ही नहीं है। हम हमेशा कहते हैं कि गोवा एक छोटा राज्य है लेकिन यह एक सुंदर राज्य है। छोटा हमेशा सुंदर होता है। यह एक जीवंत सभ्यता है, जिसे सदियों के सांस्कृतिक आदान-प्रदान, बौद्धिक खुलेपन, समुद्री उद्यम और सामाजिक सद्भाव ने आकार दिया है। प्राचीन मंदिरों और भव्य गिरजाघरों से लेकर अपने संगीत, साहित्य और त्योहारों तक गोवा भारत की बहुलवादी भावना के मूल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि गोवा को परशुराम की भूमि के रूप में भी जाना जाता है, यह एक ऐसी उपाधि है जो इसकी सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत में गहराई से रची-बसी है।

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने गोवा के विकास में आई तेजी का श्रेय पीएम मोदी के नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने और बड़े विकास प्रोजेक्ट्स को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव बनाया जा सका है। उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स की योजना इस तरह बनाई गई है कि अगले 50 वर्षों तक आने वाली पीढ़ियों को इनका लाभ मिल सके।

--आईएएनएस

डीकेएम/पीएम