'शिकारी बनें, शिकार नहीं', ग्लेन फिलिप्स ने बताया टी20 सीरीज में अपनी सफलता का मंत्र
हैमिल्टन, 1 नवंबर (आईएएनएस)। ग्लेन फिलिप्स का प्रदर्शन भारत के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज में लाजवाब रहा। सीरीज में 341 रन बनाने के साथ ही फिलिप्स ने कई बड़े रिकॉर्ड्स अपने नाम किए। पांचवें टी20 में नाबाद 65 रनों की पारी खेलने के बाद फिलिप्स ने अपनी सफलता का मंत्र बताया है।
भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में फिलिप्स ने एक शतक और तीन अर्धशतक लगाए। न्यूजीलैंड के इस ऑलराउंडर ने सीरीज में कुल 341 रन बनाए, जो किसी भी बल्लेबाज द्वारा एक द्विपक्षीय टी20 सीरीज में बनाए गए सबसे ज्यादा रन हैं। उन्होंने 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में फिल साल्ट द्वारा बनाए गए 331 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।
'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुने जाने के बाद कीवी खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन पर बात करते हुए कहा कि उनका पूरा ध्यान 'शिकारी' बनने पर था, न कि 'शिकार' बनने पर। पांचवें मैच में न्यूजीलैंड की भारत पर सात विकेट से जीत के बाद प्रेजेंटेशन के दौरान फिलिप्स ने कहा, "हां, जैसा आपने कहा कि शांत और संयमित रहना। यह एक अच्छा एहसास है। जब आप मैदान पर स्पष्ट सोच के साथ उतरते हैं और हर गेंद को उसकी खूबी के हिसाब से खेलने की कोशिश करते हैं, तो यही होता है। आपने जैसा कहा कि मैदान पर जाकर 'शिकारी' बनने की कोशिश करना, न कि 'शिकार' बनने की।"
फिलिप्स ने भारत के मुख्य स्पिनर वरुण चक्रवर्ती के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया और उनकी 12 गेंदों पर 27 रन बनाए। उन्होंने बताया कि भारत ने पहली पारी में कीवी स्पिनरों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था, इसलिए उन्होंने चक्रवर्ती को निशाना बनाने की रणनीति बनाई थी।
फिलिप्स ने कहा, "मुझे लगता है कि आज यह समझना जरूरी था कि स्पिन गेंदबाजी का सामना कैसे करना है और उन पर हावी कैसे होना है। हमने देखा कि भारतीय खिलाड़ियों ने हमारे खिलाफ ऐसा ही किया, और वह इसमें बहुत सफल रहे।"
कीवी बल्लेबाज ने आगे कहा, "मुझे लगता है कि जब चक्रवर्ती दोबारा गेंदबाजी करने आए, तो वह एक निर्णायक ओवर था। हम या तो खेल में आगे निकल जाते, या फिर वह कई विकेट चटका देते। मुझे लगता है कि वह जोखिम उठाना और उस मुकाबले का सामना करना सही फैसला था। आपने जैसे देखा कि आज सीफर्ट ने शुरुआत से लेकर अंत तक शानदार बल्लेबाजी की और टीम की लय बनाए रखी।"
टी20 सीरीज खत्म होने के बाद अब उनका पूरा ध्यान 4 नवंबर से शुरू होने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज पर है। फिलिप्स ने कहा, "हां, मुझे लगता है कि इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ेगा (वनडे सीरीज से पहले)। और मुझे लगता है कि खेल के थोड़े लंबे फॉर्मेट में आप गेम के उतार-चढ़ाव को बेहतर ढंग से समझकर खेल सकते हैं। मुझे लगता है कि लंबे समय तक खेलने के लिए आपको थोड़ा और दिमाग लगाने की जरूरत होती है। इसी कारण कोशिश यही रहती है कि हर गेंद पर अपना पूरा ध्यान लगाएं और यह समझें कि अभी काफी लंबा खेल बाकी है।"
--आईएएनएस
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