'घृणा, नफरत और बंटवारे से राजनीति नहीं होती', नवाब मलिक का राज ठाकरे पर तीखा हमला
मुंबई, 13 जनवरी (आईएएनएस)। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने उत्तर भारतीयों को लेकर मनसे प्रमुख राज ठाकरे की टिप्पणी पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मनसे का स्टैंड लगातार लोगों ने देखा है। घृणा, नफरत और बंटवारे से राजनीति नहीं होती है।
नवाब मलिक ने कहा, "मराठी मानुष की बात करके पहले उत्तर भारतीयों और फिर दक्षिण भारतीयों को निशाना बनाने का प्रयास किया। वो राजनीति नहीं चली तो मुस्लिमों के खिलाफ आक्रामक हो गए। घृणा, नफरत और बंटवारे से राजनीति नहीं होती है। राज ठाकरे यह समझ नहीं पा रहे हैं कि राजनीतिक जमीन पर खड़ा होने के लिए किन मुद्दों को उठाया जाना चाहिए।"
'बॉम्बे' नाम को लेकर भाजपा नेता अन्नामलाई को जवाब देते हुए नवाब मलिक ने कहा कि सिर्फ मुंबई नहीं, मद्रास का नाम भी चेन्नई हुआ। इसलिए अन्नामलाई को पहले चेन्नई का नाम मद्रास करने की बात करनी चाहिए। एनसीपी नेता ने कहा कि जब कानूनी तौर पर नाम बदल गया है तो इस पर विवाद करना ठीक नहीं है। पहले बॉम्बे जरूर था, लेकिन मुंबई नामकरण के बाद पूरी दुनिया में इसी नाम से शहर को जाना जाता है।
बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगर पालिका) समेत महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों पर एनसीपी नेता ने कहा, "मंगलवार को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है। पार्टी उम्मीदवार हर जगह मेहनत कर रहे हैं, अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। शाम 5 बजे के बाद प्रचार खत्म हो जाएगा। हमें विश्वास है कि एनसीपी उम्मीदवार बड़े पैमाने पर जीतेंगे।"
उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई महानगरपालिका चुनावों में धर्म के नाम पर लोगों की भावनाओं को भड़काने की कोशिश की जा रही है। नवाब मलिक ने कहा, "जय श्रीराम, बुर्का और बांग्लादेश जैसे मुद्दों को उठाया जा रहा है। मराठी मानुष का मुद्दा भी उठाया जा रहा है। कुल मिलाकर हमें लगता है कि चुनावों को ध्रुवीकरण करने की कोशिश की जा रही है। भाजपा, शिवसेना-यूबीटी या मनसे, ये सभी दल लोगों की भावनाओं से खेल रहे हैं। शहर में रहने वाला एक बड़ा वर्ग इन सभी बातों से प्रभावित नहीं हो रहा है। नतीजे दिखाएंगे कि उनके यह मुद्दे चुनाव में नहीं चल पाए हैं।"
नवाब मलिक ने कहा कि इस चुनाव में एक बड़ी तादाद में एकजुट रखने की विचारधारा के लोग हैं। लोग चाहते हैं कि सभी जाति-धर्म और प्रांत के लोग एक साथ रहें। मुंबई के विकास में मराठी मानुष के साथ-साथ सभी का योगदान है।
--आईएएनएस
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