गाजियाबाद की सड़कों का एआई से होगा डिजिटल सर्वे, गड्ढों और जलभराव की होगी सटीक पहचान
गाजियाबाद, 22 मई (आईएएनएस)। दिल्ली से सटे हाईटेक शहर गाजियाबाद की सड़कों की सूरत अब जल्द ही बदलने वाली है। शहर में सड़कों के गड्ढों, दरारों और जलभराव की पहचान अब किसी इंसानी सर्वे के भरोसे नहीं, बल्कि आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक की मदद से होगी।
गाजियाबाद नगर निगम शहर की खराब सड़कों का सटीक आकलन करने के लिए पहली बार 'एआई कैमरों' का सहारा लेने जा रहा है। इस हाईटेक कदम से न सिर्फ सड़कों की मरम्मत के काम में तेजी आएगी, बल्कि सरकारी धन के उपयोग में भी पूरी पारदर्शिता देखने को मिलेगी।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि गड्ढों और खराब सड़कों का डिजिटल सर्वे कराने के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अभी तक सड़कों की खराबी का पता मुख्य रूप से अधिकारियों के औचक निरीक्षण या आम जनता की शिकायतों के माध्यम से चलता था। इस पारंपरिक व्यवस्था में कई बार पक्षपात या ढिलाई की गुंजाइश रहती थी लेकिन अब एआई तकनीक के जरिए पूरे शहर की सड़कों की वास्तविक स्थिति का एक स्पष्ट डिजिटल मैप तैयार होगा, जिससे यह साफ हो सकेगा कि किस क्षेत्र की सड़क को तुरंत मरम्मत की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत शुरुआत में 20 विशेष गाड़ियों पर 'व्हीकल माउंटेड एआई कैमरे' और अत्याधुनिक सेंसर लगाए जाएंगे। ये गाड़ियां शहर की व्यस्त और संपर्क सड़कों पर घूमकर छोटे से छोटे गड्ढे, सड़क की दरारें, धंसी हुई सड़क और जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों की डिजिटल जानकारी रिकॉर्ड करेंगी।
सर्वे के दौरान सड़क की चौड़ाई, गड्ढों की संख्या, उनकी गहराई और खराब हिस्सों का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड (जीपीएस लोकेशन के साथ) तैयार होगा। यह डाटा सीधे नगर निगम के केंद्रीय सॉफ्टवेयर और एआई सिस्टम में ट्रांसफर हो जाएगा, जहां कंप्यूटर प्रोग्राम इसका गहन विश्लेषण करेंगे। खास बात यह है कि ये कैमरे खराब स्ट्रीट लाइटों की पहचान भी कर सकेंगे।
वहीं, नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, एआई सिस्टम प्राप्त आंकड़ों के आधार पर यह तय करेगा कि कौन-सा गड्ढा कितना खतरनाक है और किस सड़क की हालत सबसे ज्यादा जर्जर है। इसी डाटा के आधार पर सड़क निर्माण और मरम्मत की एक प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भारी ट्रैफिक वाले और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में मरम्मत का काम सबसे पहले कराया जा सकेगा।
--आईएएनएस
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