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पेपर लीक पर गहलोत का भजनलाल सरकार पर पलटवार, वीडियो में बोले- निष्पक्ष जांच हुई तो 'एक भी लीक नहीं' का दावा बेनकाब हो जाएगा

 

राजस्थान में पेपर लीक के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के "पिछले पौने तीन साल में 350 परीक्षाएं हुईं, लेकिन एक भी पेपर लीक नहीं हुआ" वाले बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीखा पलटवार किया है। गहलोत ने कहा कि यदि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो सरकार के दावों की सच्चाई सामने आ जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पेपर लीक से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच नहीं कराई, जिससे वास्तविक तथ्य सामने नहीं आ सके।

गहलोत बोले- "सच सामने आया तो झूठ बेनकाब होगा"

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अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री को यह कहने के बजाय कि "एक भी पेपर लीक नहीं हुआ", यह कहना चाहिए था कि सरकार ने एक भी शिकायत की निष्पक्ष जांच नहीं होने दी।उन्होंने दावा किया कि यदि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच हो जाए तो "एक भी पेपर लीक नहीं" का दावा टिक नहीं पाएगा।

NEET-UG का भी किया जिक्र

गहलोत ने अपने बयान में NEET-UG परीक्षा का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परीक्षा के पेपर लीक का केंद्र राजस्थान बना था और इसकी वजह से लाखों विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार और पुलिस ने शुरुआत में पेपर लीक की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। उनके अनुसार, जब विद्यार्थियों ने सीधे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से शिकायत की, तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ।

सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार का रवैया हर बार सच को सामने आने से रोकने वाला रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने कार्यकाल में हुई परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच से बच रही है, क्योंकि ऐसा होने पर उसके दावों की वास्तविकता उजागर हो जाएगी।गहलोत ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास बना रहे।

पेपर लीक पर सियासत तेज

राजस्थान में पेपर लीक का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। एक ओर राज्य सरकार दावा कर रही है कि उसके कार्यकाल में परीक्षा व्यवस्था पारदर्शी रही है, वहीं विपक्ष सरकार के दावों पर सवाल उठा रहा है और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहा है।पेपर लीक को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मुद्दा अब प्रदेश की राजनीति में प्रमुख विषय बन गया है। आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।