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'गायत्री परिवार' ने तोड़ीं रूढ़ियां, महिलाओं को दिया मंत्र का अधिकार : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

 

हरिद्वार, 22 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तराखंड के हरिद्वार में गुरुवार को 'अखिल विश्व गायत्री परिवार' द्वारा माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी और अखंड दीप शताब्दी वर्ष पर आयोजित 'शताब्दी वर्ष समारोह 2026' में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। उन्होंने पारंपरिक दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "आज पंडित श्रीराम शर्मा ने लाखों लोगों को गायत्री मंत्र, गायत्री पूजा और गायत्री साधना से जोड़ा। अब इन लाखों लोगों की जिम्मेदारी है कि वे चिन्मय पंड्या के नेतृत्व में नई ऊर्जा और उत्साह के साथ अगले सौ सालों तक आगे बढ़ें। पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी ने अपने जीवनकाल में कई युगों का काम किया। उनके आंदोलन के तहत, 15 करोड़ से ज़्यादा फॉलोअर्स आध्यात्मिकता के रास्ते पर चल रहे हैं और आज अखंड ज्योति की शताब्दी मनाई जा रही है। 1925-26 राष्ट्रीय पुनर्जागरण का वर्ष था और उसी वर्ष, संघ परिवार की स्थापना हुई थी।"

उन्होंने कहा कि जो लोग सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और भारत के इतिहास को भली-भांति जानते हैं, वे इस बात में दृढ़ विश्वास रखते हैं कि यदि विश्व की समस्त समस्याओं का समाधान कहीं निहित है, तो वह भारतीय परंपरा में ही है। हरिद्वार कुंभ की भूमि है, सप्तऋषियों की तपस्या की भूमि है। अनगिनत संतों ने इसी भूमि पर न केवल अपनी आत्मा को बल्कि करोड़ों लोगों की आत्माओं को भी जगाया है और उन्हें आध्यात्मिकता के मार्ग पर मार्गदर्शन दिया है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि यह स्थल आस्था, आध्यात्म और संस्कृति का संगम है। पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा ने इन तीनों को पुनर्जीवित करने के लिए व्यक्ति-निर्माण का मार्ग चुना। आज ‘अखंड ज्योति सम्मेलन’ में आकर मैं सही अर्थ में अखंड ऊर्जा और चेतना की अनुभूति कर रहा हूं।

अमित शाह ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में कदम रखते ही हजारों वर्षों की तपस्या की ऊर्जा का अनुभव होता है। हरिद्वार कुंभ क्षेत्र है, सप्त ऋषियों की तपस्या की पावन भूमि है। अनगिनत संतों ने यहां स्वयं की आत्मा के साथ-साथ करोड़ों लोगों की आत्मा को जागृत कर उन्हें आध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर किया है। इसी भूमि पर पंडित राम शर्मा जी और वंदनीय माता जी ने गायत्री ऊर्जा को जागृत करने का महान कार्य किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "गायत्री मंत्र ने एक तरह से आध्यात्मिक जीवन को फिर से जिंदा किया। सनातन धर्म में कई कठोर प्रथाएं थीं, उदाहरण के लिए, महिलाओं को गायत्री मंत्र का जाप करने की इजाजत नहीं थी। उन्हें इजाजत क्यों नहीं थी, इसका जवाब कोई नहीं दे सका। पंडित श्रीराम शर्मा ने इस कठोर परंपरा को तोड़ने का काम किया। उन्होंने गायत्री मंत्र की शक्ति के जरिए जाति, समुदाय या लिंग की परवाह किए बिना, हर आत्मा की भलाई के लिए एक रास्ता बनाया।"

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ, योग गुरु रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के एमडी और पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के सह-संस्थापक, आचार्य बालकृष्ण की उपस्थिति में, महर्षि दयानंद ग्राम, हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ में पतंजलि आपातकालीन और क्रिटिकल केयर अस्पताल के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए।

--आईएएनएस

एसएके/एबीएम