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गौतम गंभीर की एआई डीपफेक याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट 23 मार्च को अगली सुनवाई करेगी

 

नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी है। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 23 मार्च की तारीख तय की है। हाईकोर्ट ने गौतम गंभीर के वकील से कहा है कि याचिका मे जो कमियां है उसे सुधार कर लाएं।

गौतम गंभीर ने 19 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। याचिका में उन्होंने कहा था कि उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, उनकी आवाज उनकी तस्वीर का वाणीज्यिक रूप से गलत इस्तेमाल हो रहा है। इसके लिए डीप फेक, एआई मैनिपुलेशन जैसी तकनीकों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।

गौतम गंभीर के वकील ने कहा कि उनके क्लाइंट का डीप फेक वीडियो बनाकर उसका गलत इस्तेमाल सोशल मीडिया पर व्यूज बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। वीडियो में वह बयान में दिखाए जा रहे हैं जो गंभीर ने कभी दिए ही नहीं। गंभीर के इस्तीफा देने का भी एक एआई वीडियो डाला गया जिसने कुछ ही समय मे 29 लाख व्यूज हासिल कर लिया । ये गरिमा का सवाल है । गंभीर की तरफ से कहा गया है उनके 1.2 करोड से ज्यादा फालोवर है जबकि ट्वीटर पर ही इसतरह की फेक खबरे फैलाई जा रही है।

गंभीर की लीगल टीम ने दायर याचिका में कहा था कि 2025 के आखिर से गौतम गंभीर की लीगल टीम ने इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब, और फेसबुक पर नकली डिजिटल कंटेंट में तेजी से और चिंताजनक वृद्धि देखी। कई अकाउंट्स ने असली वीडियो बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फेस-स्वैपिंग और वॉइस-क्लोनिंग तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसमें गंभीर को ऐसे बयान देते हुए गलत तरीके से दिखाया गया जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं। इसमें एक नकली इस्तीफे की घोषणा भी शामिल थी, जिसे 29 लाख से ज्यादा बार देखा गया। एक नकली क्लिप जिसमें उन्हें सीनियर क्रिकेटरों के विश्व कप में हिस्सा लेने के बारे में टिप्पणी करते हुए दिखाया गया था, इसे 17 लाख से ज्यादा बार देखा गया।

यह मुकदमा 16 डिफेंडेंट के खिलाफ दायर किया गया है। इसमें कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स जैसे जैनकी फ्रेम्स, भूपेंद्र पेंटोला, लीजेंड्स रेवोल्यूशन, आदि शामिल हैं। इसके अलावा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म में ऐमेजॉन और फ्ल‍िपकार्ट का नाम है। वहीं टेक कंपनियों में मेटा प्लेटफॉर्म, एक्स, गूगल, यूट्यूब, आद‍ि शाम‍िल हैं। साथ ही आईटी मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को भी शामिल किया गया है, जो किसी भी कोर्ट ऑर्डर को लागू करने में मदद के लिए प्रोफार्मा पार्टी हैं।

गंभीर ने 2.5 करोड़ हर्जाना, सभी अकाउंट्स को हटाने, परमानेंट रोक लगाने और सभी उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटाने की मांग की है। उन्होंने भविष्य में अपना नाम, चेहरा और आवाज का इस्तेमाल नहीं किए जाने की मांग कोर्ट से की है। इस मामले में उन्होंने कोर्ट से जल्द कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।

--आईएएनएस

पीएके