गौशालाओं में गोवंश की मौत पर केशव मौर्य सख्त, तीन बीडीओ पर कार्रवाई, कासगंज के अधिकारी निलंबित
लखनऊ, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में गौशालाओं में गोवंश की मौत और देखभाल में लापरवाही के मामलों को लेकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सख्त रुख अपनाया है। बदायूं में दो खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है, जबकि कासगंज के पटियाली विकास खंड के बीडीओ संजीव कुमार को एक कथित वीडियो प्रकरण में प्रथमदृष्टया गंभीर अनियमितता के संकेत मिलने के बाद निलंबित कर दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने प्रदेशभर की गौशालाओं की नियमित निगरानी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, बदायूं के म्याऊं विकास खंड की अभिगांव गौशाला में 20 गोवंश की मौत के मामले में बीडीओ राकेश कुमार निराला को प्रथमदृष्टया जिम्मेदार पाया गया है।
गौशाला की निर्धारित क्षमता 100 गोवंश की थी, जबकि वहां 428 गोवंश संरक्षित पाए गए। जिले में पहले से रेड अलर्ट जारी होने के बावजूद अस्थायी व्यवस्था और अतिरिक्त शेड की व्यवस्था नहीं कराए जाने को गंभीर लापरवाही माना गया है। इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम-7 के तहत अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है।
संयुक्त विकास आयुक्त, बरेली मंडल को जांच अधिकारी नामित किया गया है। इसी तरह, बदायूं के सालारपुर विकास खंड के बीडीओ नितिन कुमार के खिलाफ गौशाला में 14 गोवंश की मौत और लापरवाही के मामले में अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं, कासगंज जिले के पटियाली विकास खंड के बीडीओ संजीव कुमार से संबंधित एक कथित वीडियो सामने आने के बाद उपमुख्यमंत्री ने स्वतः संज्ञान लिया।
विज्ञप्ति के मुताबिक, मामले में प्रथमदृष्टया गंभीर अनियमितता के संकेत मिलने पर उन्हें निलंबित कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सभी गौशालाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। जहां भी अव्यवस्था, अनियमितता, संसाधनों की कमी या गोवंश की देखभाल में लापरवाही सामने आए, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गोवंश संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। गौशालाओं में चारा, पानी, पर्याप्त शेड, स्वच्छता और पशुओं की समुचित देखभाल सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही, अनियमितता, भ्रष्टाचार या नियमों के विरुद्ध काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को गौशालाओं का नियमित स्थलीय निरीक्षण करने, कमियों को तत्काल दूर कराने और गोवंश के संरक्षण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होने देने के निर्देश दिए।
--आईएएनएस
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