पारंपरिक बिंदी रस्म के साथ गणगौर पर्व की शुरुआत, सुहागिन महिलाओं ने की गवर माता की पूजा
जोधपुर में सुहागिन महिलाओं की ओर से सौभाग्य और अखंड दांपत्य सुख की कामना के लिए मनाया जाने वाला प्रमुख लोक पर्व गणगौर बुधवार को पारंपरिक बिंदी रस्म के साथ शुरू हो गया। इस रस्म के साथ ही गणगौर पूजन का पखवाड़ा आरंभ हो गया है। अब चैत्र शुक्ल तीज तक प्रतिदिन गवर माता का विधि-विधान से पूजन किया जाएगा।
गणगौर राजस्थान का प्रमुख लोक पर्व माना जाता है, जिसे विशेष रूप से महिलाएं बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाती हैं। इस पर्व में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं, वहीं कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए गवर माता से प्रार्थना करती हैं।
गणगौर की शुरुआत बिंदी रस्म से होती है, जिसमें महिलाएं एक-दूसरे को बिंदी लगाकर मंगलकामनाएं देती हैं। इस दौरान पारंपरिक गीत गाए जाते हैं और घरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। महिलाएं रंग-बिरंगे परिधानों में सजी-धजी नजर आती हैं और पूरे उत्साह के साथ इस लोक पर्व में भाग लेती हैं।
गणगौर पूजन के इस पखवाड़े में विभिन्न घरों में गवर माता की प्रतिमा स्थापित कर प्रतिदिन पूजा की जाती है। महिलाएं सुबह-शाम पूजा कर गीत गाती हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करती हैं। कई स्थानों पर महिलाएं समूह में एकत्रित होकर भी गणगौर के गीत गाती हैं और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इस दौरान घरों में विशेष पकवान भी बनाए जाते हैं और परिवार के सदस्य मिलकर इस पर्व की खुशियां मनाते हैं। शहर के कई मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भी गणगौर से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई है।
गणगौर पर्व राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है। यह त्योहार सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश देता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी महिलाएं पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ गणगौर का पर्व मना रही हैं।
आने वाले दिनों में शहर में गणगौर से जुड़े विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। चैत्र शुक्ल तीज के दिन गणगौर की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु शामिल होंगे। इस प्रकार पूरे पखवाड़े तक चलने वाला यह पर्व जोधपुर में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।