गंगा किनारे अतिक्रमण हटाने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश, बिहार सरकार को छह हफ्तों की समयसीमा
नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को पटना में गंगा नदी के किनारे नौजर घाट से नूरपुर घाट तक हुए सभी गैरकानूनी कब्जों और अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को यह कार्रवाई छह हफ्तों के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तय समय सीमा के अंदर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक एक जिम्मेदार अधिकारी को हलफनामा दाखिल कर कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी हाई कोर्ट या जिला अदालत ने अतिक्रमण हटाने के खिलाफ कोई अंतरिम रोक लगा रखी है, तब भी सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश लागू रहेगा। राज्य सरकार को हर हाल में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करनी होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि आदेश के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी राज्यों को गंगा नदी के किनारे हुए अतिक्रमण की जानकारी उपलब्ध कराने का आखिरी मौका दिया है। कोर्ट ने कहा कि जो राज्य निर्धारित समय में जानकारी नहीं देंगे, उनके मुख्य सचिवों को अदालत में तलब किया जा सकता है।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने वृंदावन में यमुना नदी के किनारे चल रहे निर्माण कार्यों से जुड़ी दो याचिकाओं पर भी सुनवाई की। कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए 23 सितंबर तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला गंभीर है, क्योंकि निर्माण कार्यों के कारण वृंदावन में यमुना नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो सकता है और नदी का रास्ता संकरा हो सकता है।
नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। साथ ही यमुना किनारे किसी भी नए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है।
--आईएएनएस
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