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गणेशोत्सव में पुणे मेट्रो ने बनाया रिकॉर्ड, 12 दिनों में 48.32 लाख यात्रियों ने किया सफर

 

पुणे, 26 सितंबर (आईएएनएस। गणेशोत्सव के दौरान इस साल पुणे मेट्रो को यात्रियों और श्रद्धालुओं का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। 14 से 25 सितंबर के बीच महज 12 दिनों में 48,32,915 यात्रियों ने पुणे मेट्रो से सफर किया। इस दौरान मेट्रो को टिकटों से 7,49,28,377 रुपए की आय हुई।

पुणे मेट्रो के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में गणेशोत्सव के दौरान यात्रियों की संख्या दोगुने से भी ज्यादा हो गई थी। वर्ष 2024 में गणेशोत्सव के दौरान 20,45,100 यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया था। 2025 में यह संख्या बढ़कर 37,17,578 हो गई और इस साल 48,32,915 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

आंकड़ों के अनुसार, 2025 के मुकाबले इस साल गणेशोत्सव में यात्रियों की संख्या 29.99 प्रतिशत बढ़ी है। वहीं, 2024 की तुलना में यात्रियों की संख्या में 136.32 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

गणेशोत्सव के आखिरी दिन यानी अनंत चतुर्दशी पर भी पुणे मेट्रो में भारी भीड़ रही। 25 सितंबर सुबह 6 बजे से 26 सितंबर सुबह 6 बजे तक 24 घंटों में 5,80,280 यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया। इस अवधि में मेट्रो को 85,61,895 रुपए का राजस्व मिला।

गणेशोत्सव के दौरान लाइन-1 यानी पीसीएमसी से स्वारगेट कॉरिडोर पर कुल 25,15,516 यात्रियों ने सफर किया। इस लाइन से मेट्रो को 4,17,46,626 रुपए की कमाई हुई।

वहीं, लाइन-2 यानी वनाज से रामवाड़ी कॉरिडोर पर 23,17,399 यात्रियों ने यात्रा की, जिससे 3,31,81,751 रुपए का राजस्व मिला।

दोनों कॉरिडोर के आंकड़े बताते हैं कि गणेशोत्सव के दौरान शहर के प्रमुख इलाकों तक आने-जाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने निजी वाहनों के बजाय मेट्रो को प्राथमिकता दी।

गणेशोत्सव के दौरान महात्मा फुले मंडई स्टेशन पुणे मेट्रो का सबसे व्यस्त स्टेशन रहा। यहां से कुल 6,82,473 यात्रियों ने यात्रा की और स्टेशन से 1,01,85,255 रुपए का राजस्व हासिल हुआ।

इसके अलावा पीसीएमसी स्टेशन से 4,72,658, स्वारगेट से 4,35,489, रामवाड़ी से 4,05,447 और पीएमसी स्टेशन से 2,69,477 यात्रियों ने सफर किया।

दोनों मेट्रो लाइनों के बीच इंटरचेंज की सुविधा देने वाले डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर भी यात्रियों की भारी आवाजाही दर्ज की गई।

गणेशोत्सव के दौरान यहां 10,39,452 यात्रियों ने एक लाइन से दूसरी लाइन बदली। अकेले 24 घंटे की गणेश विसर्जन अवधि के दौरान यहां 1,22,552 यात्रियों ने लाइन बदली।

गणेश विसर्जन के दिन पुणे मेट्रो के 11 स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या 20 हजार से अधिक रही। इस दौरान महात्मा फुले मंडई स्टेशन पर सबसे ज्यादा 70,375 यात्री दर्ज किए गए। उसके बाद डेक्कन जिमखाना, स्वारगेट समेत अन्य स्टेशन रहे। इस तरह विसर्जन के दिन पुणे के प्रमुख गणेश मंडलों और शहर के मध्य हिस्से तक पहुंचने के लिए मेट्रो यात्रियों की प्रमुख पसंद बनी।

गणेशोत्सव के दौरान डिजिटल टिकटिंग में भी मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली। लगभग 71 प्रतिशत यात्रियों ने डिजिटल टिकट का इस्तेमाल किया, जबकि 29 प्रतिशत यात्रियों ने पेपर टिकट लिया। भुगतान के मामले में डिजिटल माध्यम का हिस्सा और भी ज्यादा रहा। कुल यात्रियों में 86 प्रतिशत ने ऑनलाइन माध्यम, यूपीआई या कार्ड से भुगतान किया, जबकि सिर्फ 14 प्रतिशत यात्रियों ने नकद भुगतान किया।

महा मेट्रो के प्रबंध निदेशक श्रावण हार्डीकर ने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालुओं का पुणे मेट्रो पर भरोसा जताना गर्व की बात है।

उन्होंने बताया कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी घटाकर पांच मिनट कर दी गई और मेट्रो सेवाओं को चौबीसों घंटे संचालित किया गया।

भारी भीड़ को देखते हुए यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए स्वारगेट, महात्मा फुले मंडई और डेक्कन जिमखाना मेट्रो स्टेशनों पर मेडिकल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।

हार्डीकर के अनुसार, पुणे के लोगों के साथ शहर के बाहर से गणेशोत्सव में आए श्रद्धालुओं ने सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी और डिजिटल टिकटिंग का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। उन्होंने यात्रियों के सहयोग के लिए आभार भी जताया।

इस साल के आंकड़े पुणे में सार्वजनिक परिवहन के बढ़ते इस्तेमाल की तस्वीर पेश करते हैं। जहां 2024 के गणेशोत्सव में यात्रियों की संख्या करीब 20.45 लाख थी, वहीं केवल दो साल में यह बढ़कर 48.32 लाख से ज्यादा हो गई है।

अनंत चतुर्दशी पर 24 घंटे लगातार सेवा, पांच मिनट की फ्रीक्वेंसी और प्रमुख स्टेशनों पर मेडिकल सुविधाओं जैसी व्यवस्थाओं के बीच पुणे मेट्रो ने गणेशोत्सव की भारी भीड़ को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी