गणेशोत्सव को लेकर मंडलों के प्रतिनिधियों से सीएम फडणवीस ने की बैठक, कई मुद्दों पर हुई चर्चा
मुंबई, 27 अगस्त (आईएएनएस)। गणेशोत्सव की तैयारियों को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गणेशोत्सव मंडलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में सार्वजनिक गणेशोत्सव के सुचारु आयोजन, मंडलों को विभिन्न विभागों से मिलने वाली अनुमति, गणेश प्रतिमा के आगमन-विसर्जन जुलूस, यातायात व्यवस्था, सड़कों की स्थिति और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
अखिल सार्वजनिक गणेशोत्सव महासंघ के सचिव सुरेश भिकाजी सरनोबत ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि पिछले करीब 40 वर्षों से वे गणेशोत्सव के माध्यम से महाराष्ट्र के सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों से जुड़े हुए हैं। आशीष शेलार के सहयोग से महासंघ की स्थापना की गई है, जिसके माध्यम से राज्य के करीब 45 हजार गणेशोत्सव मंडलों से जुड़े मुद्दों को उठाया जाता है।
सरनोबत ने कहा कि सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। खास तौर पर मुंबई महानगरपालिका, पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के साथ मंडलों का समन्वय अच्छा रहना चाहिए, ताकि गणेशोत्सव के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। मंडलों को उत्सव के आयोजन, प्रतिमा के आगमन और विसर्जन जुलूस समेत विभिन्न अनुमतियां आसानी से मिलें, इसके लिए वन विंडो सिस्टम की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। इससे अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने की परेशानी कम हो सकती है और मंडल समय पर अपनी तैयारियां पूरी कर सकेंगे।
सरनोबत ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित बैठक में उपस्थित अधिकारियों, मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त समेत महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों और महानगरपालिकाओं के अधिकारी जुड़े थे। जिला स्तर के अधिकारियों और संबंधित प्रशासनिक तंत्र को भी गणेशोत्सव की तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में कोंकण जाने वाले गणेश भक्तों के सामने आने वाली यातायात और सड़क संबंधी समस्याओं को भी उठाया गया। गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में लोग मुंबई और अन्य क्षेत्रों से कोंकण जाते हैं। उन्होंने कहा कि करीब 40 हजार लोग एसटी महामंडल की बसों से कोंकण की ओर जाते हैं, जबकि लगभग 10 हजार एसटी बसों की बुकिंग का उल्लेख उन्होंने किया।
गोवा मार्ग और संबंधित सड़कों की स्थिति का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों से सड़कों की समस्याओं को जल्द दूर करने का आग्रह किया गया, ताकि त्योहार के दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। सरनोबत ने बताया कि गणेश मंडलों के व्हाट्सऐप ग्रुप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई तरह की सूचनाएं तेजी से वायरल होती हैं। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि सोशल मीडिया के माध्यम से सही और उपयोगी जानकारी ही प्रसारित की जाए। भ्रामक या गलत जानकारी से बचने के लिए मंडलों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
सरनोबत के अनुसार मुख्यमंत्री फडणवीस ने बैठक में कहा कि सार्वजनिक गणेशोत्सव को महाराष्ट्र के राज्योत्सव का दर्जा दिया गया है और इस प्रतिष्ठा को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने गणेशोत्सव मंडलों और नागरिकों से उत्साह के साथ-साथ अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ उत्सव मनाने की अपील की।
हाल में भुलेश्वर के 'राजा' सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की मूर्ति से जुड़ी दुखद घटना का मुद्दा भी चर्चा में आया। घटना में दो लोगों की मौत की बात सामने आई थी। मूर्ति की ऊंचाई और उसे ले जाने के दौरान बरती गई सावधानियों को लेकर सवाल उठे। सरनोबत ने कहा कि घटना के वास्तविक कारणों को लेकर पुलिस की रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है।
उन्होंने बताया कि संभवतः प्रतिमा के प्रवेश के दौरान किसी समस्या और सड़क पर मौजूद गड्ढे की वजह से घटना हुई, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। इस घटना से सभी गणेशोत्सव मंडलों को सबक लेना चाहिए और बड़ी प्रतिमाओं के परिवहन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने चाहिए।
--आईएएनएस
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