गणेश उत्सव अब लंदन-अमेरिका तक, पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी: कृपाशंकर सिंह
मुंबई, 14 सितंबर (आईएएनएस)। गणेश चतुर्थी के अवसर पर भाजपा नेता कृपाशंकर सिंह ने देश की प्रगति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, ब्रिक्स सम्मेलन, राहुल गांधी के डिनर मेन्यू पर किए गए तंज, आर्टिकल 370, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और क्रिकेट से जुड़े विवादों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गणपति उत्सव को सामाजिक एकता और राष्ट्रहित की भावना से जोड़ते हुए कहा कि भारत की संस्कृति और परंपराएं अब विदेशों तक पहुंच रही हैं। इसके साथ ही, उन्होंने विपक्ष से अपील की कि सरकार का विरोध करना है तो संसद और विधानसभा जैसे लोकतांत्रिक मंचों पर मुद्दे उठाए जाएं।
गणेश चतुर्थी को लेकर कृपाशंकर सिंह ने कहा कि गणपति बप्पा का उत्सव केवल महाराष्ट्र या भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के कई देशों में भी लोग गणेश प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। उन्होंने लंदन, अमेरिका और जॉर्जिया समेत विदेशों में गणपति उत्सव मनाए जाने का उल्लेख किया।
उन्होंने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक द्वारा सार्वजनिक गणेशोत्सव की परंपरा शुरू किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इसके पीछे लोगों को एकजुट करने और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सामूहिक रूप से खड़े होने की भावना थी। आज भी गणपति बप्पा के सामने देश की मजबूती, विकास और राष्ट्र की खुशहाली की प्रार्थना की जाती है।
महाराष्ट्र की ऐतिहासिक और सामाजिक भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. भीमराव आंबेडकर और छत्रपति शाहू महाराज को याद किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की धरती ने देश को सामाजिक सुधार और संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महान व्यक्तित्व दिए हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी भारत द्वारा किए जाने को कृपाशंकर सिंह ने देश के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा मजबूत हुई है। उन्होंने ब्रिक्स में चीन, रूस, ईरान और अन्य देशों के नेताओं की भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की भूमिका अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत आगे ऐसी स्थिति हासिल करे कि वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण फैसलों में उसकी भूमिका निर्णायक हो।
ब्रिक्स समिट के डिनर मेन्यू को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी पर कृपाशंकर सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़े भोजन के मुद्दे पर टिप्पणी करने के बजाय सम्मेलन के परिणाम और संयुक्त घोषणापत्र पर ध्यान देना चाहिए। विपक्ष को सरकार का विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद जैसे मंच का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि यदि पेपर लीक जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं तो उन्हें संसद में प्रभावी तरीके से क्यों नहीं उठाया जाता।
राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कृपाशंकर सिंह ने कहा कि देश की जनता ने उन्हें सांसद के रूप में चुना है और उनसे अपेक्षा है कि वे संसद में जनता के मुद्दों को उठाएं। सार्वजनिक मंचों पर राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय संसद और विधानसभा में गंभीर बहस होनी चाहिए।
कृपाशंकर सिंह ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के फैसले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में सरकार का पक्ष रखा था। उस फैसले का विरोध करने वाले विपक्षी नेताओं ने गंभीर परिणाम होने की आशंका जताई थी, लेकिन उनके मुताबिक ऐसा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने आर्टिकल 370 हटाने के फैसले को राष्ट्रहित से जोड़ते हुए कहा कि देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय हित सर्वोपरि होना चाहिए।
कृपाशंकर सिंह ने समान नागरिक संहिता का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भारत एक देश है और देश में कानूनों के मामले में समानता होनी चाहिए। उन्होंने संविधान निर्माण में डॉ. भीमराव आंबेडकर की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान पूरे देश के लिए बनाया गया है। यूसीसी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग कानून की व्यवस्था के बजाय समान कानूनी व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने पर चर्चा होनी चाहिए।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की एशिया कप जीत और ट्रॉफी से जुड़े विवाद पर कृपाशंकर सिंह ने कहा कि इस तरह के मामलों में अलग-अलग लोगों की अपनी भावनाएं हो सकती हैं, लेकिन राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों और अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों से अपील की कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। साथ ही उन्होंने विपक्षी नेताओं से भी कहा कि यदि उन्हें किसी विषय पर सरकार से असहमति है तो वे संसद या विधानसभा में चर्चा करें।
उन्होंने युवाओं और बच्चों को लेकर भी चिंता जताते हुए कहा कि देश के भविष्य को सकारात्मक दिशा देने की जिम्मेदारी सभी राजनीतिक दलों की है। राजनीतिक बहस ऐसी होनी चाहिए जिससे युवाओं के बीच स्वस्थ लोकतांत्रिक संवाद की भावना मजबूत हो।
भारत-अफगानिस्तान क्रिकेट मैच के दौरान 'वंदे मातरम' गाए जाने के मुद्दे पर कृपाशंकर सिंह ने कहा कि आने वाले समय में 'वंदे मातरम' की भावना और व्यापक होगी। उन्होंने इसे देशभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि भारत के प्रति दुनिया में सम्मान बढ़ रहा है। उन्होंने महात्मा गांधी के प्रति विदेशों में दिखाई गई श्रद्धा का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की संस्कृति और राष्ट्रभावना का प्रभाव वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा है। कृपाशंकर सिंह ने कहा कि गणपति बप्पा के आशीर्वाद से भारत आगे बढ़े और देश की प्रतिष्ठा दुनिया में और मजबूत हो, यही उनकी कामना है।
--आईएएनएस
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