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गणेश चतुर्थी से पहले बाजारों में बढ़ी रौनक, मूर्तियों और सजावटी सामान की मांग तेज

 

नई दिल्ली, 13 सितंबर (आईएएनएस)। गणेश चतुर्थी के मद्देनजर देशभर में तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। त्योहार से एक दिन पहले बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ देखने को मिली। लोग भगवान गणेशजी की मूर्तियों के साथ पूजा सामग्री, इलेक्ट्रिक लाइट, कृत्रिम फूल, तोरण और सजावट से जुड़ा अन्य सामान खरीदते नजर आए।

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में गणेशोत्सव से पहले बाजारों में रौनक देखने को मिली। बड़े बाजारों के साथ आसपास की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ लगी रही। दोपहर के समय खरीदारी करने वालों की संख्या और बढ़ गई।

वहीं, अगरतला में गणेश चतुर्थी से पहले मूर्तिकार भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे दिखे।

मूर्तिकार उत्तम चक्रवर्ती ने बताया कि पिछले 8-10 वर्षों में गणेश की मूर्तियों की मांग तेजी से बढ़ी है। उनके मुताबिक, यह मांग विश्वकर्मा पूजा की मूर्तियों से भी अधिक हो गई है। बढ़ती मांग के कारण दुर्गा पूजा पंडालों से जुड़े काम में कुछ देरी हुई है, हालांकि उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव शुरू होने से पहले सभी मूर्तियों की डिलीवरी पूरी कर दी जाएगी।

कर्नाटक के धारवाड़ में गणेशोत्सव को लेकर बाजारों में खरीदारी बढ़ गई है। कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद गणपति की मूर्तियां, पूजा सामग्री, फूल, फल और सजावट का सामान खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग बाजार पहुंचे।

तमिलनाडु के तिरुपत्तूर में गणेश चतुर्थी से पहले वनियामबाड़ी में रंग-बिरंगी और आकर्षक डिजाइन वाली गणेशजी की प्रतिमाएं लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। भक्त घरों और सार्वजनिक स्थानों पर पूजा के लिए 100 रुपए से लेकर हजारों रुपए तक की मूर्तियां उत्साह के साथ खरीदते दिखे।

बिहार की राजधानी पटना में भी गणेश चतुर्थी की धूम है। मूर्तियां खरीद रहे लोगों ने बताया कि हर साल इस त्योहार का इंतजार रहता है। इस बार रंग-बिरंगी मूर्तियां देखकर मन खुश हो गया है।

एक अन्य ने कहा कि महंगाई थोड़ी ज्यादा जरूर है, लेकिन त्योहार में सभी चीज को मैनेज किया जाता है।

अलीगढ़ में राजस्थान के मूर्ति कारीगर गणेश ने बताया कि वह और उनका परिवार गणेश उत्सव के लिए अलग-अलग आकार और कीमतों की मूर्तियां तैयार करते हैं। उनके अनुसार, एक मूर्ति का प्रारंभिक निर्माण करीब ढाई से तीन घंटे में हो जाता है, जबकि उसकी फिनिशिंग में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि गणेश उत्सव के लिए मूर्तियां तैयार करने और उन्हें अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में परिवार करीब ढाई महीने से जुटा हुआ है।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी