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गांधीनगर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, विद्युत निरीक्षक के ठिकानों से 2.64 करोड़ की नगदी और आभूषण बरामद

 

गांधीनगर, 1 जून (आईएएनएस)। गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान अधिकारी के ठिकानों से करोड़ों की नगदी और भारी मात्रा में कीमती आभूषण बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह आरोप सामने आया है कि अधिकारी ने सौर ऊर्जा परियोजनाओं को मंजूरी देने की प्रक्रिया में रिश्वत ली थी।

एसीबी की उप निदेशक भारती पंड्या ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि एसीबी फील्ड यूनिट-3 के पुलिस निरीक्षक पी.एन. खोखरा को सूचना मिली थी कि गांधीनगर स्थित उद्योग भवन में विद्युत निरीक्षक के पद पर तैनात अश्विन बी. चौधरी सौर परियोजनाओं को मंजूरी देने की प्रक्रिया में अनियमितताएं कर रहे हैं। आरोप है कि वह अनिवार्य फील्ड निरीक्षण किए बिना ही परियोजनाओं को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर रहे थे।

सूचना मिलने के बाद एसीबी ने जांच शुरू की। सबसे पहले अधिकारी की सरकारी कार की तलाशी ली गई, जिसमें से 5 लाख 51 हजार 730 रुपए नगद और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज तथा वाउचर बरामद हुए। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए अधिकारी के गांधीनगर स्थित सरकारी आवास और सूरत स्थित निजी आवास पर छापेमारी की गई।

तलाशी के दौरान एसीबी को दोनों ठिकानों से कुल 1 करोड़ 76 लाख 14 हजार 970 रुपए मिले। इसके अलावा 88 लाख 82 हजार 910 रुपए मूल्य के सोने और चांदी के सिक्के तथा आभूषण भी बरामद किए गए। इस तरह नकदी और आभूषणों का कुल मूल्य लगभग 2.64 करोड़ रुपए से अधिक आंका गया है।

जांच एजेंसी के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि हाल के समय में 100 से अधिक फाइलों को मंजूरी दी गई थी। अब एसीबी यह पता लगाने में जुटी है कि इन फाइलों की स्वीकृति प्रक्रिया में कहीं भ्रष्टाचार या नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। अधिकारी के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और अन्य संपत्तियों की भी जांच की जाएगी।

इस मामले में पी.एन. खोखरा की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की आगे की जांच गांधीनगर के पुलिस निरीक्षक सुथार को सौंपी गई है। एसीबी का कहना है कि जांच अभी जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या इस कथित भ्रष्टाचार के मामले में अन्य लोग भी शामिल थे।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी