गणतंत्र दिवस परेड में गृह मंत्रालय की झांकी, अमित शाह ने शेयर किया वीडियो
नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली में कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिसके बाद राष्ट्रगान हुआ और लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल करके 21 तोपों की सलामी दी गई। गणतंत्र दिवस परेड में गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत तीन नए आपराधिक कानूनों की झांकी निकाली गई, जिसका वीडियो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर डीडी न्यूज के एक वीडियो को साझा किया। अमित शाह ने लिखा कि आज गणतंत्र दिवस परेड में गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत तीन नए आपराधिक कानूनों की झांकी ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में औपनिवेशिक काल के अवशेषों को मिटाने वाले ऐतिहासिक कानूनी सुधारों को मूर्त रूप दिया, जो भारत की दंड-प्रधान से न्याय-प्रधान कानूनी व्यवस्था की ओर यात्रा का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि नए ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति, एनएएफआईएस और आईसीजेएस प्रणालियों को उपयुक्त रूप से प्रदर्शित करते हुए यह झांकी नागरिकों को नए भारत में त्वरित, सटीक और जन-केंद्रित न्याय प्रणाली की प्रधानता के प्रति जागरूक करती है।
वहीं, डीडी न्यूज ने इस वीडियो के साथ लिखा कि गृह मंत्रालय की झांकी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए), 2023 के ऐतिहासिक अधिनियम को प्रदर्शित करती है, जो न्याय के लिए भारत के नए कानून हैं जो 1 जुलाई 2024 को 77वें गणतंत्र दिवस पर लागू हुए।
इससे पहले अमित शाह ने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समस्त देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
इस अवसर पर सभी स्वाधीनता सेनानियों व मजबूत लोकतंत्र की नींव रखने वाले संविधान निर्माताओं को नमन करता हूं। आइए, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संवैधानिक मूल्यों को और सशक्त बनाते हुए ‘विकसित भारत’ बनाने का संकल्प लें।
77वें गणतंत्र दिवस की परेड में गृह मंत्रालय, एनडीएमए और एनडीआरएफ की झांकी ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इस झांकी की थीम 26 जनवरी 2001 के भुज भूकंप की 25वीं वर्षगांठ पर है, जो भारत की आपदा प्रबंधन यात्रा में एक महत्वपूर्ण क्षण था।
--आईएएनएस
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