गणेशोत्सव पर आस्था का महासंगम: खजराना में 7 करोड़ के आभूषणों से गजानन का श्रृंगार, मंदिरों में तड़के से उमड़े श्रद्धालु
गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। भगवान गणेश के दर्शन के लिए देर रात से ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। सुबह होते-होते मंदिर परिसर और आसपास का इलाका भक्तों की भारी भीड़ से भर गया।गणेश उत्सव को देखते हुए मंदिर को बेहद भव्य तरीके से सजाया गया है। इस बार मंदिर को महल की थीम पर सजाया गया है। आकर्षक विद्युत सज्जा के साथ मंदिर परिसर में 300 क्विंटल से अधिक फूलों का इस्तेमाल किया गया है। फूलों और रोशनी से सजा मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
मंदिर समिति के अनुसार, गणेश उत्सव के दौरान रोजाना 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए दर्शन, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
7 करोड़ रुपये के आभूषणों से हुआ बप्पा का श्रृंगार
गणेश चतुर्थी के मौके पर खजराना गणेश का विशेष श्रृंगार किया गया है। भगवान गणेश को करीब 7 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषणों और हीरे-जवाहरात से सजाया गया है। बप्पा का यह भव्य रूप भक्तों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है।
मंदिर के गर्भगृह को भी चांदी से सजाया गया है। गणेश जी को विशेष रूप से तैयार किए गए मोदक का भोग लगाया गया। गणेश चतुर्थी के पूरे आयोजन के दौरान मंदिर में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
रानी अहिल्याबाई होलकर से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
खजराना गणेश मंदिर का इतिहास भी काफी पुराना और खास माना जाता है। मान्यता के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण रानी अहिल्याबाई होलकर ने वर्ष 1735 में करवाया था।
श्रद्धालुओं के बीच विश्वास है कि खजराना गणेश के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना पूरी होती है। इसी आस्था के चलते गणेश चतुर्थी के अलावा पूरे साल देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों से भी भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मनोकामना के लिए उल्टा स्वास्तिक बनाने की अनोखी मान्यता
खजराना गणेश मंदिर से जुड़ी एक खास परंपरा श्रद्धालुओं के बीच काफी प्रसिद्ध है। मान्यता है कि जो भक्त किसी मनोकामना के साथ मंदिर आते हैं, वे गर्भगृह के पीछे बनी दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं।
भक्तों का विश्वास है कि इससे उनकी मनोकामना पूरी होती है। मनोकामना पूरी होने के बाद श्रद्धालु दोबारा मंदिर पहुंचते हैं और वहां सीधा स्वास्तिक बनाकर भगवान गणेश के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।
क्रिकेटरों की भी खजराना गणेश में गहरी आस्था
खजराना गणेश मंदिर का जुड़ाव क्रिकेट से भी देखने को मिलता है। इंदौर में मैच होने के दौरान कई क्रिकेटर भगवान गणेश के दर्शन के लिए मंदिर पहुंच चुके हैं।
श्रद्धालुओं के बीच मान्यता है कि टीम इंडिया पर खजराना गणेश की विशेष कृपा रहती है। इसी वजह से भक्त और क्रिकेट प्रेमी कई बार भगवान गणेश को मजाकिया अंदाज में ‘टीम इंडिया का सुपर सिलेक्टर’ भी कहते हैं। माना जाता है कि कई खिलाड़ी बड़े मुकाबलों या अहम मौकों से पहले यहां आकर बप्पा का आशीर्वाद लेते रहे हैं।
कलेक्टर ने ध्वजा भेंट कर शुरू किया आयोजन
गणेश चतुर्थी के दिन इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा भी सबसे पहले खजराना गणेश मंदिर पहुंचे और भगवान गणेश के दर्शन किए। उन्होंने बप्पा को ध्वजा भेंट कर गणेश चतुर्थी के कई दिवसीय आयोजन की शुरुआत की।
मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है और चारों ओर गणपति बप्पा के जयकारे गूंज रहे हैं।
गणेश चतुर्थी के मौके पर खजराना गणेश मंदिर की भव्य सजावट, बप्पा का विशेष श्रृंगार और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इस उत्सव को और खास बना रही है।