गगनदीप रंधावा आत्महत्या मामले में पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर के खिलाफ एफआईआर दर्ज
अमृतसर, 22 मार्च (आईएएनएस)। पंजाब राज्य भंडारण निगम के डीएम गगनदीप सिंह रंधावा के आत्महत्या के मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री लाल सिंह भुल्लर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस कमिश्नरेट के रणजीत एवेन्यू थाने में गगनदीप सिंह की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी है। उपिंदर कौर ने पूर्व मंत्री व उनके पिता को भी आरोपी बनाया है और कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस कमिश्नर अमृतसर को दी लिखित शिकायत में उपिंदर कौर ने कहा, "मैं सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल होर, अजनाला रोड अमृतसर में बतौर साइंस शिक्षिका कार्यरत हूं। मेरी शादी साल 2007 में गगनदीप सिंह रंधावा से हुई थी। हमारे तीन बच्चे हैं, जिनमें दो लड़कियां और एक लड़का है। मेरे पति गगनदीप सिंह रंधावा पंजाब राज्य गोदाम निगम में जिला मैनेजर के पद पर नियुक्त थे। मेरे पति के पास अमृतसर और तरनतारन जिलों का चार्ज था। पंजाब राज्य गोदाम निगम द्वारा विभिन्न जिलों में नए गोदामों के निर्माण संबंधी टेंडर पिछले साल अक्टूबर 2025 में जारी किए गए थे और इन टेंडरों की मंजूरी चंडीगढ़ से मिलनी थी। इस संबंध में फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) को इन टेंडरों को अपने निर्धारित नियमों के अनुसार पास करना होता है।"
उपिंदर कौर ने आगे लिखा," विधानसभा हलका पट्टी से विधायक और पंजाब सरकार के परिवहन मंत्री लालजीत सिंह ने अपने पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर पट्टी और भिखीविंड के इलाकों में गोदामों के निर्माण के लिए टेंडर भरा था। मेरे पति गगनदीप सिंह रंधावा पर परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर द्वारा लगातार यह दबाव डाला जा रहा था कि उक्त टेंडर उसके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर हर हाल में मंजूर किए जाएं, जिसका जिक्र मेरे पति ने मुझसे कई बार किया था। इस संबंध में मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उसके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और मंत्री का पीए दिलबाग सिंह उर्फ बागा लगातार मेरे पति को धमकियां दे रहे थे कि यदि उक्त टेंडर उसके पिता के नाम पर मंजूर नहीं हुआ तो इसका अंजाम तुम्हें और तुम्हारे बच्चों को बुरी तरह भुगतना पड़ेगा।"
उपिंदर कौर ने कहा, " लालजीत सिंह भुल्लर ने मेरे पति को धमकाते हुए कई बार यह भी कहा था कि उसे यह भी पता है कि उनके बच्चे कहां पढ़ते हैं और तुम्हारी पत्नी कहां नौकरी करती है। मेरे पति लगातार पड़ रहे दबाव के कारण घर आकर रोते हुए मुझे यह सारी बातें बताते थे और कहते थे कि मैं नियमों से बाहर जाकर किसी भी आवेदक की मदद नहीं कर सकता, क्योंकि टेंडरों की पूरी प्रक्रिया बिल्कुल पारदर्शी और ऑनलाइन है। इसी कारण उक्त टेंडर कानूनी नियमों के अनुसार किसी अन्य पक्ष को जारी हो गए।"
उपिंदर कौर ने आरोप लगाया, "लालजीत सिंह भुल्लर के पिता को टेंडर न मिलने के कारण वह बहुत गुस्से में आ गया और मेरे पति को बहुत बुरी तरह अपमानित और परेशान करने लगा। मेरे पति को व्हाट्सएप कॉल करके धमकाया कि टेंडर रद्द करके उसके पिता के नाम पर जारी करो, नहीं तो तुम्हें और तुम्हारे पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा। उसने यह भी कहा कि सभी गैंगस्टर उसके ही पाले हुए हैं और तुम्हें मरवाने के लिए उसका एक इशारा ही काफी है। मेरा पति बार-बार उसे समझाते थे कि टेंडर रद्द करके किसी के नाम पर जारी करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। मेरे पति ने मुझे यह भी बताया कि मंत्री धमकाते हुए कहता था कि यदि तुमने टेंडर उसके कहने पर रद्द नहीं किया तो या तो तुम्हें और तुम्हारे परिवार को मार दिया जाएगा या तुम खुद जहर खाकर मर जाओ। उसने यह भी धमकी दी कि उसकी बात न मानकर वह जिंदा नहीं रह सकता।"
उपिंदर कौर ने कहा, "13 मार्च को मंत्री ने मेरे पति को अपने पैतृक घर पट्टी बुलाया, जहां उसके पिता, पीए और 2-3 अन्य अज्ञात व्यक्ति मौजूद थे। वहां पहुंचते ही उनके पिता और पीए ने मेरे पति को थप्पड़ मारे और अन्य लोगों के साथ मिलकर उसकी पिटाई शुरू कर दी। मंत्री ने पिस्तौल निकालकर उसके सिर पर मारी। फिर पिस्तौल उसकी कनपटी पर रखकर कहा कि अब देखो तुम्हारा क्या हाल करते हैं। इसके बाद मंत्री ने अपने पीए को कहा कि मेरे कहे शब्द इसके मुंह से बुलवाकर वीडियो बनाओ, नहीं तो इसे गोली मारकर लाश गायब कर दो। सभी आरोपियों ने मेरे पति को जान से मारने की धमकी देकर जबरन वीडियो बनवाई, जिसमें उससे झूठा बयान दिलवाया गया।"
उपिंदर कौर ने शिकायत में कहा, "लालजीत सिंह भुल्लर ने मेरे पति गगनदीप सिंह रंधावा से जबरन वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद धमकाते हुए कहा कि तू हमारे कहे अनुसार नहीं चला, अब देखेंगे तेरा क्या हश्र करते हैं। तुझे और तेरे परिवार को हम जीने लायक नहीं छोड़ेंगे या तो हम ही तुझे मार देंगे, या तू खुद ही जहर खाकर मर जा। ये सारी बातें मेरे पति गगनदीप सिंह ने उसी दिन शाम को घर आकर मुझे खुद बताईं और रोते हुए कहा कि मैं तो अब जीने लायक भी नहीं रहा। मैंने अपने पति को कहा कि हम इस पूरे मामले के संबंध में पुलिस को सूचित करें, लेकिन मेरे पति ने कहा कि लालजीत सिंह भुल्लर मौजूदा पंजाब सरकार में परिवहन मंत्री है और हमारी फरियाद कोई भी नहीं सुनेगा। ये सारी बातें मेरे पति ने मेरे अलावा मेरे परिवार के कुछ खास अन्य लोगों को भी बताईं।"
गगनदीप की पत्नी ने कहा, "आरोपियों ने मेरे पति से पिस्तौल की बल पर मजबूरी में एक झूठा बयान रिकॉर्ड कराया गया कि टेंडर परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर की बजाय किसी अन्य पक्ष को 10 लाख रुपए लेकर दिलवाया है। लालजीत सिंह भुल्लर ने मेरे पति गगनदीप सिंह रंधावा से जबरन वीडियो रिकॉर्ड करवाने के बाद धमकाते हुए कहा कि तुमने हमारी बात नहीं मानी, अब देखना हम तुम्हारा क्या हाल करते हैं।
उन्होंने कहा कि मेरे पति आरोपियों द्वारा बेइज्जत किए जाने और जान से मारने की धमकियों के कारण बहुत मजबूर हो चुके थे और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या किया जाए। लालजीत सिंह भुल्लर, उसका पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उसके पीए दिलबाग सिंह उर्फ बागा द्वारा मेरे पति को लगातार धमकाया जा रहा था, जिसके कारण दबाव में आकर उन्होंने सल्फास की गोलियां खा लीं और अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मरने से पहले उक्त वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। इसलिए इन सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए।"
--आईएएनएस
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