जी7 देश 100 मिलियन बैरल कच्चा तेल और डीजल करेंगे जारी, अगले चार महीनों में होगी आपूर्ति
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। जी7 और उसके साझेदार देश अपने इमरजेंसी भंडार से करीब 100 मिलियन बैरल कच्चा तेल और डीजल जारी करेंगे। इसकी वजह बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच ट्रंप प्रशासन के लगातार दबाव को माना जा रहा है।
फ्रांस के राष्ट्रपति और जी7 के मौजूदा चेयरमैन इमैनुएल मैक्रों ने मीडिया को बताया कि जी7 ईंधन की कीमतों में कमी लाना चाहता है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) की देखरेख में अगले चार महीनों में यह आपूर्ति जारी की जाएगी।
यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया जब अमेरिका ने संकेत दिया कि अगर यूरोपीय देशों ने और आपूर्ति जारी नहीं की, तो डीजल निर्यात पर भारी असर डालने वाला बैन लगाया जा सकता है। ऐसा कदम यूरोप के लिए आपूर्ति के एक अहम जरिए को खतरे में डाल सकता है, क्योंकि यूरोपीय महाद्वीप डीजल के उत्पादन में कमी को पूरा करने के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है।
ईरान युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद, आईईए ने मार्च में 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने की योजना बनाई थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कहते हुए यूरोप की आलोचना की थी कि उन्होंने ये बैरल उतनी तेजी से उपलब्ध नहीं कराए।
वहीं, जी7 के एक बयान से संकेत मिला है कि 100 मिलियन बैरल में वे बैरल भी शामिल हो सकते हैं जो मार्च में जारी किए गए स्टॉक के तहत अभी तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
मैक्रों ने कहा, "हम सबने मिलकर उस अनुपात में इन रणनीतिक भंडार को जारी करने का संकल्प लिया है जिनका मैंने जिक्र किया और इसमें डीजल पर खास ध्यान दिया जाएगा। हम सब यह पक्का करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं कि निर्यात पर कोई रोक न लगे।"
हालांकि, इस कदम से कच्चे तेल की कीमत में कोई खास कमी नहीं देखने को मिली और बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा।
--आईएएनएस
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