भारत के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर जापान के पूर्व मंत्री का बड़ा आरोप, वीडियो में बोले- 'भारतीय पक्ष ने पूरे नहीं किए वादे'; विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब
भारत के बहुप्रतीक्षित मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा के बयान ने नई बहस छेड़ दी है। माकिहारा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि परियोजना में देरी की सबसे बड़ी वजह भारतीय पक्ष का रवैया रहा। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत और जापान के बीच इस परियोजना को लेकर बातचीत सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है।
पूर्व जापानी मंत्री ने लगाए गंभीर आरोप
हिदेकी माकिहारा ने अपने पोस्ट में लिखा कि वह स्वयं इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जुड़े रहे हैं और उन्होंने पूरे घटनाक्रम को करीब से देखा है। उनके अनुसार, जापानी टीम ने परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए पूरी मेहनत की, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय पक्ष ने कई बार अपने वादे पूरे नहीं किए, पहले से हुए समझौतों से पीछे हट गया और समय-समय पर अपनी सुविधानुसार शर्तों में बदलाव करता रहा। माकिहारा का कहना है कि यही कारण रहा कि परियोजना निर्धारित गति से आगे नहीं बढ़ सकी।
2017 में हुआ था प्रोजेक्ट का शुभारंभ
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना का उद्घाटन 14 सितंबर 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने संयुक्त रूप से किया था। इस परियोजना को भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।यह भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना है, जिसमें जापान की शिंकान्सेन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। परियोजना के लिए जापान ने बेहद कम ब्याज दर पर दीर्घकालिक वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई है।
विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब
माकिहारा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और जापान के बीच इस परियोजना को लेकर निरंतर संवाद जारी है और दोनों देश मिलकर इसे आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच सहयोग मजबूत है और परियोजना से जुड़े मुद्दों का समाधान आपसी बातचीत के जरिए किया जा रहा है। मंत्रालय ने संकेत दिया कि दोनों देशों के रिश्ते पहले की तरह मजबूत बने हुए हैं।
क्यों हुई है परियोजना में देरी?
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना कई वर्षों से विभिन्न कारणों से प्रभावित रही है। भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरियां, तकनीकी प्रक्रियाएं और कोविड-19 महामारी जैसी चुनौतियों के कारण इसके निर्माण की गति प्रभावित हुई। हालांकि, पिछले कुछ समय में परियोजना के कई हिस्सों पर निर्माण कार्य तेज हुआ है और कई महत्वपूर्ण संरचनाएं तैयार की जा चुकी हैं।
भारत-जापान संबंधों पर नहीं पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी पूर्व मंत्री के व्यक्तिगत बयान को दोनों देशों के आधिकारिक संबंधों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। भारत और जापान के बीच आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है और बुलेट ट्रेन परियोजना भी इसी साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।फिलहाल, पूर्व जापानी मंत्री के बयान और भारत सरकार की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि परियोजना की प्रगति किस गति से आगे बढ़ती है और दोनों देश मिलकर इसे कब तक पूरा कर पाते हैं।