बेरोजगारों को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विवाद पर बोले पूर्व CJI बीआर गवई, वीडियो में कहा- ‘बात को बेवजह बढ़ाया गया’
बीआर गवई ने सुप्रीम कोर्ट में बेरोजगारों को लेकर इस्तेमाल किए गए कथित विवादित शब्दों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है और सोशल मीडिया पर बिना संदर्भ समझे विवाद खड़ा किया जा रहा है।दरअसल, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान बेरोजगारों के संदर्भ में ‘कॉकरोच’ और ‘पैरासाइट’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल को लेकर सोशल media पर काफी बहस छिड़ गई थी। इस मुद्दे पर जब पूर्व CJI बीआर गवई से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जज भी इंसान होते हैं और सुनवाई के दौरान कई बार अनजाने में कुछ शब्द निकल जाते हैं।
उन्होंने कहा, “किसी भी टिप्पणी के पीछे हमेशा गलत मंशा नहीं होती। कई बार कोर्ट में लंबी बहस और लगातार सुनवाई के दौरान कुछ शब्द सहज रूप से निकल जाते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर उन्हें संदर्भ से अलग करके पेश किया जाता है।”बीआर गवई ने आगे कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया बहुत ताकतवर माध्यम बन चुका है। इसके कई फायदे हैं, लेकिन नुकसान भी उतने ही बड़े हैं। बिना पूरी जानकारी और संदर्भ के किसी बयान को वायरल कर देना सही नहीं माना जा सकता।
उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की कार्यवाही को समझने के लिए पूरे संदर्भ को देखना जरूरी होता है। किसी एक शब्द या वाक्य को अलग करके देखने से गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं।पूर्व CJI की इस टिप्पणी के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया की भूमिका और न्यायपालिका की टिप्पणियों को लेकर बहस तेज हो गई है। कई लोग इसे अभिव्यक्ति की सामान्य स्थिति मान रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को शब्दों का चयन बेहद सावधानी से करना चाहिए। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।