राम मंदिर के नए CEO बने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में निभाई थी अहम भूमिका
राम मंदिर ट्रस्ट को नया CEO मिल गया है। रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) चुना गया है। वह हाल ही में भारतीय वायुसेना से रिटायर हुए हैं।जीतेंद्र मिश्रा का करीब 40 साल का सैन्य करियर रहा है। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ तथा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अहम भूमिका निभाई।
कारगिल युद्ध में निभाई थी अहम भूमिका
साल 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान चलाए गए ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में जीतेंद्र मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उस समय वह स्क्वाड्रन लीडर थे और उस टीम का हिस्सा थे, जिसने मिराज-2000 लड़ाकू विमानों में लेजर गाइडेड बमों को ऑपरेशनल किया था।
बाद में इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल टाइगर हिल और मुंथो ढालो समेत कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर पाकिस्तानी सेना के खिलाफ किए गए हमलों में किया गया था।
जीतेंद्र मिश्रा ने अपने सैन्य करियर में 3,000 घंटे से अधिक उड़ान भरी है। उन्होंने 18 से ज्यादा प्रकार के लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाए हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी संभाली कमान
जीतेंद्र मिश्रा को 1 जनवरी 2025 को भारतीय वायुसेना की वेस्टर्न एयर कमांड का एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ नियुक्त किया गया था। यह कमांड पाकिस्तान से लगी पश्चिमी सीमा की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सैन्य कार्रवाई की रणनीति में उनका अहम योगदान रहा।
ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका के लिए उन्हें 2026 में सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM) से सम्मानित किया गया। इससे पहले उन्हें 2024 में अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और 2013 में विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) भी मिल चुका है।
S-400 को लेकर पाकिस्तान की बेचैनी का किया था खुलासा
हाल ही में एक इंटरव्यू में जीतेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें साझा की थीं। उन्होंने बताया था कि पाकिस्तान भारत में तैनात S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की लोकेशन का पता लगाने के लिए लगातार कोशिश कर रहा था।
उनके मुताबिक, पाकिस्तान ने इसके लिए जासूसों और स्लीपर सेल तक को सक्रिय करने की कोशिश की थी। उन्होंने यह भी बताया था कि ऑपरेशन के दौरान भारतीय S-400 सिस्टम ने पाकिस्तान की ओर से आने वाले एक लक्ष्य को 314 किलोमीटर की दूरी से मार गिराया था।
वायुसेना में कई अहम पदों पर रहे
जीतेंद्र मिश्रा ने 6 दिसंबर 1986 को एयर फोर्स एकेडमी से भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हासिल किया था। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट में चीफ टेस्ट पायलट और एयर हेडक्वार्टर में ऑपरेशन प्लानिंग एंड असेसमेंट ग्रुप के डायरेक्टर समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।
एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा के सैन्य अनुभव को देखते हुए अब उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की जिम्मेदारी दी गई है। उनके नेतृत्व में अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।