पुरी में विदेशी पर्यटकों ने होली में भरा रंग, भारतीय संस्कृति में रम गए
ओडिशा के पवित्र शहर पुरी में इस वर्ष होली का उत्सव न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि विदेशी पर्यटकों के लिए भी यादगार बन गया। रंग पर्व के दौरान नीदरलैंड से आए पर्यटक श्री जगन्नाथ मंदिर के निकट आयोजित होली के आयोजन में शामिल हुए और स्थानीय लोगों के साथ जमकर गुलाल, अबीर और पानी की पिचकारियों से रंगों की बरसात का आनंद लिया।
वीडियो और तस्वीरों में देखा जा सकता है कि विदेशी मेहमान भारतीय होली की मस्ती और जीवंतता में पूरी तरह रम गए। उनका उत्साह और खुशी स्थानीय लोगों की खुशी के साथ मिलकर पूरे उत्सव को और भी रंगीन बना रहा था। यह दृश्य न केवल उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर रहा था, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के अनुभव विदेशी पर्यटकों के लिए भारतीय संस्कृति की विविधता और उत्सवों की अनूठी परंपरा को समझने का एक शानदार अवसर होते हैं। होली के रंग, स्थानीय गीत-संगीत और स्वादिष्ट व्यंजन—जैसे गुझिया और ठंडाई—पर्यटकों के लिए एक सांस्कृतिक अनुभव के रूप में काम करते हैं।
नीदरलैंड से आए पर्यटक इस अवसर को “एक बार जीवन में मिलने वाला अनुभव” बताते हुए उत्साह जताते दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि होली का यह उत्सव भारतीय संस्कृति की जीवंतता और लोगों की गर्मजोशी का प्रतीक है। विदेशी पर्यटकों के रंगों में रंग जाने से यह भी साफ दिखाई देता है कि त्योहारों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सांस्कृतिक समावेशिता की भावना बढ़ रही है।
स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों इस अवसर का आनंद लेते हुए फोटो और वीडियो शूट कर रहे थे, जिसे सोशल मीडिया पर साझा किया गया। वीडियो में पर्यटक और स्थानीय लोग गुलाल और पानी से खेलते, हँसते और एक-दूसरे को रंग लगाते दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखकर कई लोग पुरी आने और होली का यह अनुभव खुद देखने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं।
पुरी का यह आयोजन यह दर्शाता है कि भारतीय त्योहार केवल देशवासियों तक ही सीमित नहीं हैं। विदेशी पर्यटकों के शामिल होने से यह उत्सव और अधिक रंगीन और अंतरराष्ट्रीय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भी मदद करते हैं।
अंततः, पुरी में इस होली के उत्सव ने यह साबित कर दिया कि भारतीय त्योहारों में केवल रंग और मस्ती ही नहीं, बल्कि अपनापन, सांस्कृतिक समृद्धि और अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव की भी झलक मिलती है। विदेशी पर्यटक स्थानीय लोगों के साथ होली खेलकर इस सांस्कृतिक अनुभव का हिस्सा बन गए और भारतीय होली के अनूठे रंगों और परंपराओं का आनंद लिया।