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Forbes India Rich List 2026: गौतम अडाणी फिर बने भारत के सबसे अमीर, मुकेश अंबानी दूसरे नंबर पर
 

 

फोर्ब्स की 2026 की भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी तीन साल बाद एक बार फिर सूची में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। अडाणी और उनके परिवार की कुल संपत्ति करीब 10.85 लाख करोड़ रुपये (11,270 करोड़ डॉलर) आंकी गई है।
पिछले साल की तुलना में अडाणी परिवार की संपत्ति में करीब 1.99 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। डॉलर के हिसाब से भी इस साल सूची में उनकी संपत्ति में सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज की गई।

2022 के रिकॉर्ड स्तर से अभी नीचे संपत्ति
फोर्ब्स के आंकड़ों के मुताबिक, अडाणी की मौजूदा संपत्ति में बढ़ोतरी के बावजूद उनकी कुल संपत्ति अभी 2022 के उच्चतम स्तर से कम है। उस समय अडाणी और उनके परिवार की संपत्ति करीब 14.43 लाख करोड़ रुपये (15,000 करोड़ डॉलर) आंकी गई थी।
मुकेश अंबानी दूसरे स्थान पर
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी इस बार दूसरे स्थान पर रहे। उनकी कुल संपत्ति करीब 8.3 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 1.80 लाख करोड़ रुपये कम है।
फोर्ब्स के अनुसार, रिलायंस के अलग-अलग कारोबारों में मार्जिन पर दबाव का असर कंपनी के शेयर प्रदर्शन पर पड़ा, जिसका प्रभाव अंबानी की कुल संपत्ति पर भी दिखाई दिया।
100 अमीरों की कुल संपत्ति 96 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा
बाजार में गिरावट के बावजूद भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की संयुक्त संपत्ति करीब 96.23 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर बनी रही। इसमें अकेले गौतम अडाणी की हिस्सेदारी लगभग 11.3 प्रतिशत, जबकि मुकेश अंबानी की हिस्सेदारी करीब 8.6 प्रतिशत है।
इस दौरान भारतीय रुपये में करीब 8.5 प्रतिशत की कमजोरी और शेयर बाजार में लगभग 9.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
अमीरों की सूची में चार नए नाम
फोर्ब्स की इस साल की सूची में चार नए कारोबारी परिवारों और उद्योगपतियों ने जगह बनाई है। इनमें इंडो-एमआईएम के कृष्णा चिवुकुला, अपार इंडस्ट्रीज के कुशल और चैतन्य देसाई, आदित्य इन्फोटेक के आदित्य खेमका और बालाजी वेफर्स के विरानी परिवार शामिल हैं।
कुशल और चैतन्य देसाई की संपत्ति करीब 40,898 करोड़ रुपये, जबकि आदित्य खेमका की पारिवारिक संपत्ति करीब 34,643 करोड़ रुपये बताई गई है।
इस सूची में कारोबार के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े उद्योगपतियों की मौजूदगी बताती है कि भारतीय अरबपतियों की संपत्ति का आधार पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर बिजनेस तक फैला हुआ है।