खाद्य मंत्री का कड़ा संदेश: “तौल में गड़बड़ी या कटौती बर्दाश्त नहीं”
देशभर में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा को लेकर खाद्य मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। खाद्य मंत्री ने हाल ही में साफ कहा है कि किसी भी प्रकार की तौल में गड़बड़ी या सामान की कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका यह बयान उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा और बाजार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रयास के रूप में सामने आया है।
मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आम नागरिक को खरीदी गई वस्तुओं का पूरा माप और वजन मिले। किसी भी दुकानदार या व्यापारी को तौल या पैकिंग में छेड़छाड़ की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर ऐसे मामले सामने आते हैं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि मंत्रालय इस दिशा में सख्त निगरानी रख रहा है और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं के लिए बेहद अहम है। पिछले कुछ समय में बाजार में तौल में गड़बड़ी और सामान की कटौती की शिकायतों में वृद्धि देखी गई है। इससे न केवल उपभोक्ताओं का विश्वास कमजोर हुआ है, बल्कि बाजार में अनुचित व्यापारिक प्रथाओं को बढ़ावा भी मिला है। खाद्य मंत्री का यह कड़ा रुख ऐसे समय में आया है, जब सरकार ने उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा को प्राथमिकता बनाना शुरू किया है।
मंत्री ने बताया कि इस दिशा में डिजिटल तकनीक और नियमित निरीक्षण का भी उपयोग किया जाएगा। दुकानों और बाजारों में तौल और पैकिंग की नियमित जांच की जाएगी। जो भी व्यापारी नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उपभोक्ताओं को हर बार सही मात्रा और मूल्य का सामान मिले।
खाद्य मंत्री ने जनता से भी अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और यदि किसी दुकान या व्यापारी द्वारा तौल में गड़बड़ी या कटौती की जाती है, तो तुरंत इसकी शिकायत करें। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि शिकायतों की गोपनीयता और उचित समाधान के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
इस बयान के बाद व्यापार जगत और उपभोक्ता मंचों में प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। अधिकांश उपभोक्ताओं ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया और कहा कि इससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी। वहीं, कुछ व्यापारी संगठन भी सरकार के दिशा-निर्देश का पालन सुनिश्चित करने के लिए तैयार दिख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि तौल में गड़बड़ी या कटौती रोकने के लिए यह कदम केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका असर वास्तविक रूप से दुकानों और बाजारों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए निगरानी प्रणाली को मजबूत करना और नियमित निरीक्षण को सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होगा।
कुल मिलाकर, खाद्य मंत्री का यह कड़ा बयान उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। तौल और पैकिंग में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कटौती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और इस दिशा में सरकार की निगरानी और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।