यूपी में बाढ़ का खतरा बढ़ा, गंगा-घाघरा समेत 6 नदियां खतरे के निशान से ऊपर; दिल्ली में रिकॉर्ड बारिश, राजस्थान में बढ़ी उमस
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने कई इलाकों में हालात बिगाड़ दिए हैं। गंगा और घाघरा समेत प्रदेश की 6 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राज्य के 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वहीं, वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सभी 84 घाट पानी में डूब गए हैं। दूसरी ओर दिल्ली में भी बारिश का सिलसिला जारी है, जबकि राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ने से गर्मी और उमस बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। गंगा, घाघरा समेत कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं, जिससे आसपास के निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से धार्मिक स्थलों पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। शहर के सभी 84 घाट जलमग्न हो चुके हैं। मणिकर्णिका घाट पर पानी भरने के कारण अंतिम संस्कार छत पर किया जा रहा है। वहीं प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती भी छत पर कराई जा रही है।
राजधानी लखनऊ, बाराबंकी समेत कई शहरों में शनिवार सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। लगातार बारिश के कारण लोगों को जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।इधर, दिल्ली में भी शुक्रवार रात से बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त खत्म होने से पहले ही राजधानी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। सफदरजंग मौसम केंद्र में 1 से 21 अगस्त के बीच 235.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि पूरे अगस्त महीने की सामान्य बारिश 233.1 मिलीमीटर मानी जाती है। मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि वीकेंड पर भी दिल्ली में बारिश जारी रह सकती है।
वहीं राजस्थान में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। शुक्रवार को प्रदेश के 15 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन कई इलाकों में मौसम विभाग का अनुमान कमजोर साबित हुआ। 11 जिलों में तेज धूप निकलने से तापमान बढ़ गया, जबकि अन्य जिलों में भी बारिश 10 मिलीमीटर से कम रही।बारिश कम होने के कारण राजस्थान के कई हिस्सों में गर्मी और उमस बढ़ गई है। शुक्रवार को श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस और चूरू में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मध्य प्रदेश में हालांकि मानसून सक्रिय बना हुआ है। प्रदेश में तीन मौसमी सिस्टम प्रभावी हैं। रीवा-सीधी के पास लो प्रेशर एरिया बना हुआ है, जबकि उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश में चक्रवाती घेरा सक्रिय है।इन मौसमी सिस्टम के कारण मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 14 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।देश के कई राज्यों में मानसून का अलग-अलग असर देखने को मिल रहा है। जहां उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बारिश से राहत के साथ परेशानी भी बढ़ी है, वहीं राजस्थान में बारिश की कमी से गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है