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Finance Influencer की मौत: 13 लाख फॉलोअर्स वाले वी हरीश विला में मृत मिले, पिता ने साइबरबुलिंग का लगाया आरोप

 

चेन्नई में 27 वर्षीय फाइनेंस इन्फ्लुएंसर वी हरीश की मौत का मामला सामने आया है। वह एक किराए के विला में फंदे से लटके मिले। उनके पिता ने मौत को आत्महत्या बताते हुए साइबरबुलिंग का आरोप लगाया है। हरीश सोशल मीडिया पर ‘Finance With Harish’ नाम से कंटेंट बनाते थे और इंस्टाग्राम पर उनके 13 लाख से अधिक फॉलोअर्स थे।

परिजनों के मुताबिक, हरीश का इंस्टाग्राम अकाउंट मेटा ने बंद कर दिया था। उनके पिता ने दावा किया कि जेमुरिया Inc के CEO जेसन सैमुअल की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई हुई। इसके बाद हरीश नए अकाउंट से वीडियो पोस्ट करने लगे थे। हालांकि, मौत के कारणों और साइबरबुलिंग के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

CEO जेसन सैमुअल ने आरोपों से किया इनकार

जेसन सैमुअल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके हरीश की मौत पर दुख जताया और साइबरबुलिंग के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने हरीश के सेबी-पंजीकृत निवेश सलाहकार (RIA) होने और उनके लाइसेंस संबंधी दावों पर सवाल उठाए थे।

सैमुअल के मुताबिक, हरीश को हाल ही में म्यूचुअल फंड से जुड़ा AMFI रजिस्ट्रेशन नंबर (ARN) मिला था। उन्होंने दावा किया कि उनका उद्देश्य हरीश को उचित SEBI लाइसेंस लेकर दोबारा काम शुरू करने की सलाह देना था। सैमुअल ने कहा कि उन्हें इस घटना की उम्मीद नहीं थी और हरीश की मौत से उन्हें दुख पहुंचा है।

साइबरबुलिंग होने पर कहां करें शिकायत?

ऑनलाइन गाली-गलौज, धमकी, बदनाम करने वाली पोस्ट या निजी तस्वीरों के दुरुपयोग का सामना करने वाले लोग पुलिस और साइबर क्राइम विभाग में शिकायत कर सकते हैं। मामले की प्रकृति के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है।

  • IT Act की धारा 66E: किसी व्यक्ति की निजी तस्वीरों को उसकी सहमति के बिना कैप्चर, प्रकाशित या प्रसारित करके निजता का उल्लंघन करने से संबंधित है।
  • IT Act की धारा 67: इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने पर लागू हो सकती है।
  • IT Act की धारा 67A: इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से यौन रूप से स्पष्ट सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने से संबंधित है।
  • BNS की धारा 77: महिलाओं की ताक-झांक (वॉयेरिज्म) से संबंधित अपराधों के लिए है।
  • BNS की धारा 356: मानहानि से संबंधित है। इसकी प्रयोज्यता मामले के तथ्यों पर निर्भर करती है।

हर ऑनलाइन आलोचना या असहमति अपने आप में साइबर अपराध नहीं होती। शिकायत में उपलब्ध सबूतों और घटना की प्रकृति के आधार पर ही उचित कानूनी प्रावधान तय किए जाते हैं।

Finance Influencers के लिए SEBI के नियम क्या हैं?

फाइनेंस इन्फ्लुएंसर्स के लिए सोशल मीडिया पर सामान्य वित्तीय शिक्षा देना और निवेशकों को विशिष्ट निवेश सलाह देना अलग-अलग गतिविधियां हैं। शेयर बाजार से जुड़ी सलाह या रिसर्च सेवाएं देने पर गतिविधि के अनुसार SEBI के पंजीकरण संबंधी नियम लागू हो सकते हैं।

इन्वेस्टमेंट एडवाइजर (IA): व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार निवेश सलाह देने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं को लागू नियमों के तहत SEBI में पंजीकरण कराना पड़ सकता है।

रिसर्च एनालिस्ट (RA): प्रतिभूतियों पर रिसर्च रिपोर्ट और विशिष्ट निवेश सिफारिशें देने वालों पर भी संबंधित पंजीकरण नियम लागू हो सकते हैं।

सामान्य वित्तीय शिक्षा: बजट, बचत, म्यूचुअल फंड की बुनियादी जानकारी या वित्तीय साक्षरता से जुड़ा कंटेंट बनाना अपने आप में निवेश सलाह देने के समान नहीं है। हालांकि, कंटेंट की वास्तविक प्रकृति और उसमें दी गई सिफारिशों के आधार पर नियमों की प्रयोज्यता तय होती है।

वी हरीश की मौत के मामले में उनके पिता ने साइबरबुलिंग का आरोप लगाया है, जबकि जेसन सैमुअल ने इससे इनकार किया है। मामले में मौत के वास्तविक कारणों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी।