फिल्म के लिए खुद पर बहुत काम करना पड़ा था : सानवी तलवार
मुंबई, 25 जुलाई (आईएएनएस)। अभिनेत्री सानवी तलवार ने हॉरर थ्रिलर फिल्म 'खामोश आहटें' में रिया नाम की लड़की का किरदार निभाया है। अभिनेत्री ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि रिया का किरदार निभाने के लिए उन्हें वजन घटाने, बढ़ाने से लेकर खुद पर बहुत सारे काम करने पड़े।
अभिनेत्री ने अपनी टीम की सराहना करते हुए कहा कि साइकोलॉजिकल, इमोशनल और ड्रामैटिक सीन बहुत चैलेंजिंग थे, लेकिन एक सपोर्टिव डायरेक्टर, सिनेमैटोग्राफर और हिम्मत बढ़ाने वाली टीम की वजह से ये सब बहुत आसानी से हो गया था।
उन्होंने अपने किरदार के बारे में बताते हुए कहा, "एक एक्टर के तौर पर मुझे किरदार के जरिए कई अलग-अलग शेड्स एक्सप्लोर करने का मौका मिला। सीरीज में थ्रिलर, साइकोलॉजिकल ड्रामा, फैमिली इमोशन्स, स्प्लिट पर्सनैलिटी, हॉरर और इंटेंस इमोशनल मोमेंट्स शामिल थे। जब आपको एक ही प्रोजेक्ट में इतने सारे लेयर्स परफॉर्म करने को मिलते हैं, तो यह एक मजेदार अनुभव बन जाता है।"
आईएएनएस ने अभिनेत्री से सवाल पूछा, "आपने पॉजिटिव और निगेटिव दोनों तरह के कैरेक्टर्स किए हैं। निगेटिव रोल्स निभाने में आपको सबसे ज्यादा क्या पसंद है?"
अभिनेत्री ने कहा, "नकारात्मक किरदार चैलेंजिंग और मजेदार होते हैं। टेलीविजन फैमिली ड्रामा अक्सर इमोशनल सीन के आसपास घूमते हैं, लेकिन नकारात्मक किरदार आपको अलग-अलग इमोशन के साथ एक्सपेरिमेंट करने का मौका देता है। यही बात ऐसे रोल्स को स्पेशल बनाती है।"
भारतीय टेलीविजन धारावाहिकों में नकारात्मक किरदार या 'वैम्प' की भूमिकाओं ने हमेशा कहानियों को रोमांचक बनाया है। उर्वशी ढोलकिया द्वारा निभाई गई कोमोलिका और सुधा चंद्रन द्वारा निभाया गया रमोला सिकंद का किरदार इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं।
इस पर ही अभिनेत्री से आईएएनएस ने सवाल पूछा, "क्या आपको लगता है कि आज के नकारात्मक किरदार पहले के आइकॉनिक विलेन के आइकॉनिक रोल की तरह असर डाल सकते हैं?"
अभिनेत्री सानवी तलवार ने कहा, "मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूं। समय बदल गया है और दर्शकों की पसंद भी बदल रही है। पहले के लोगों के पास एंटरटेनमेंट के लिए ऑप्शन कम हुआ करते थे, इसलिए वे टीवी के किरदारों के साथ लंबे समय तक जुड़े रहते थे। आज के समय में लोगों के पास ऑप्शन ज्यादा हैं। इसी कारण लोग एक किरदार के लिए इतना लंबा समय नहीं दे सकते, भले ही परफॉर्मेंस कितनी भी अच्छी क्यों न हो।"
--आईएएनएस
एनएस/एबीएम