फेडरेशन ने पाकिस्तान हॉकी कप्तान के यूके वीजा मामले में गड़बड़ी की: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 21 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान अम्माद बट को दो साल पहले देश में तय समय से ज्यादा रहने के नियम तोड़ने पर यूके वीजा देने से मना नहीं किया गया था, बल्कि फेडरेशन ने इस मामले में गड़बड़ी की थी। इस वजह से बट एफआईएच प्रो लीग 2025-26 के आने वाले राउंड में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, "पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन की नाकाबिलियत की वजह से बट प्रो लीग 2026 के आखिरी हिस्से में खेलने से लगभग चूक गए हैं। शुरू में बताया गया था कि बट तीन साल पहले अपनी पिछली यात्रा के दौरान यूके में तय समय से ज्यादा रुके थे। उनकी गलती पकड़े जाने के बाद यूके ने उन्हें वीजा देने से मना कर दिया गया था।"
रिपोर्ट के मुताबिक, बट यूके में लीग हॉकी खेल रहे थे, और पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने उनसे उनका वीजा बढ़वाने का वादा किया था, लेकिन प्रशासन ने प्रक्रिया में ढिलाई बरती और उनकी अवधि समाप्त हो गई, लेकिन ऐसा नहीं था। अब यह बात सामने आई है कि ब्रिटिश हाई कमीशन ने फेडरेशन को ईमेल करके बट को वीजा साक्षात्कार के लिए उपलब्ध कराने के लिए कहा था, लेकिन अधिकारियों ने इस मामले में देरी की।
रिपोर्ट के मुताबिक, "बट की मुश्किलें और बढ़ाते हुए, फेडरेशन ने उनके लिए एक रिटर्न टिकट जारी किया है और उन्हें वापस आने का आदेश दिया है। बट अब फोन पर साक्षात्कार देंगे और उन्हें यूके वीजा मिलने की संभावना है, लेकिन यह पता नहीं है कि फेडरेशन उन्हें यूके भेजेगी या नहीं।"
फेडरेशन की लापरवाही बट के खिलाफ साजिश का इशारा करती है।
रिपोर्ट के अनुसार, "कुछ असरदार लोग चाहते हैं कि बट को कप्तान के पद से हटा दिया जाए, और यह वीजा की गड़बड़ी सिर्फ इसी वजह से है। अगर बट को यूके नहीं भेजा जाता है, तो एक और सीनियर खिलाड़ी, अबू बकर, आखिरी लेग में पाकिस्तान टीम का नेतृत्व करेंगे।"
आखिरी लेग में पाकिस्तान का मुकाबला 23 और 26 जून को भारत से और 24 और 27 जून को इंग्लैंड से होना है।
पाकिस्तान प्रो लीग में अपने सभी 12 मैच हार चुका है। टीम अगले साल के लीग संस्करण से बाहर होने की कगार पर हैं। उन्हें आखिरी चार मैचों में कम से कम दो मैच जीतने होंगे।
बेल्जियम के अपने हालिया दौरे पर, पाकिस्तान बेल्जियम से 7-1 और 6-0 से, जबकि स्पेन से 5-1 और 4-2 से हारा था।
टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट ने कहा कि पीएचएफ किसी भी तरह से बट को निकालना चाहता था क्योंकि उनकी कप्तानी में नतीजे खराब रहे थे। फेडरेशन एक और सीनियर खिलाड़ी हनान शाहिद को टीम का नेतृत्व सौंपना चाहता था, लेकिन बदकिस्मती से शाहिद चोटिल हो गए और दौरे से चूक गए।
पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी वसीम फिरोज ने हॉकी टीम के प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कहा है कि टीम को प्रो लीग में भेजना पैसे की बर्बादी है। इस कैंपेन पर पैसे खर्च करने की जगह फेडरेशन को हॉकी को बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए।
--आईएएनएस
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