बेटी के साथ कोल्ड्रिंक पीने की बाप ने दी ऐसी खौफनाक सजा, जानकर आपकी भी कांप जाएगी रूह
कानपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक वकील ने अपनी नाबालिग बेटी को एक लड़के के साथ कोल्ड ड्रिंक पीते देख, न केवल अपनी बेटी को घर भेज दिया, बल्कि फिर उसी लड़के को बर्बरता से पीटने के लिए अपने फार्महाउस ले गया। यह मामला उस समय सामने आया जब लड़के ने लड़की के पिता से कुछ बात की, जिसके बाद वकील ने उसे जबरन अपने फार्महाउस पर ले जाकर गंभीर शारीरिक यातनाएं दीं।
मामला क्या था? पेशे से वकील ब्रजनारायण की बेटी एक डी.फार्मा छात्रा है, जिसका नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। वह उसी कक्षा में पढ़ने वाले 17 वर्षीय डी.फार्मा छात्र आर्यन से दोस्ती करती थी। दोनों एक दूसरे से मिलते रहते थे, लेकिन लड़की के पिता को इस बारे में जानकारी नहीं थी। एक दिन जब आर्यन और लड़की बाजार में कोल्ड ड्रिंक पी रहे थे, ब्रजनारायण की नजर अपनी बेटी पर पड़ी। गुस्से में आकर, उन्होंने अपनी बेटी को डांटते हुए घर भेज दिया।
वकील ने लड़के को क्या किया? इसके बाद ब्रजनारायण ने आर्यन को बुरी तरह से फटकार लगाई और फिर उसे जबरन अपनी कार में बिठाकर 2 किमी दूर स्थित अपने फार्महाउस पर ले गए। वहां, उन्होंने अपने बड़े भाई को भी बुलाया और लड़के की बर्बर पिटाई शुरू कर दी। आरोप है कि वकील ने आर्यन को रॉड से मारा, जिसके कारण उसकी पीठ पर नीले निशान पड़े। उसके पैरों के नाखून उखाड़े गए, और उसे पानी में डुबोकर थर्ड डिग्री टॉर्चर भी दिया गया। उसकी हालत इतनी खराब हो गई कि उसका शरीर सूज गया और कपड़े फट गए थे।
परिजनों को धमकी और पुलिस की कार्रवाई आर्यन के परिजनों को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही थी। फिर अचानक उन्हें एक फोन आया, जिसमें ब्रजनारायण ने आर्यन के पिता को धमकी दी, कहकर कि अगर उन्होंने अपने बेटे को नहीं संभाला, तो वह उसे गंगा नदी में फेंक देंगे। इस धमकी के बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने फोन लोकेशन ट्रेस की और फार्महाउस तक पहुंची, जहां से आर्यन को गंभीर हालत में बरामद किया गया।
मामले की कानूनी कार्रवाई और पुलिस की कार्रवाई आर्यन की गंभीर हालत को देखते हुए पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने इस मामले में ब्रजनारायण के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले में एक महिला सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद कानपुर बार एसोसिएशन ने शनिवार को हड़ताल की घोषणा की और आरोपी पक्ष ने कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर 10 थानों की पुलिस और पीएसी तैनात की थी।
यह मामला कानपुर में न केवल एक व्यक्तिगत अपराध के रूप में बल्कि कानूनी पेशे से जुड़ी एक गंभीर घटना के रूप में सामने आया है, जिसने पूरे समुदाय को चौंका दिया है।
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