फर्जी पीएमओ आईडी मामला: रोहन पारिख समेत दो आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए, जमानत पर 17 सितंबर को होगी सुनवाई
मुंबई, 11 सितंबर (आईएएनएस)। मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के जियो वर्ल्ड प्लाजा में फर्जी पीएमओ पहचान पत्र लेकर घुसने के दोनों आरोपियों को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी रोहन पारिख (24) और उसके सुरक्षा गार्ड दिलीप कुंडे (49) को पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया।
न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद दोनों आरोपियों ने जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की है। तब तक दोनों आरोपी जेल में ही रहेंगे।
इससे पहले इस हाई प्रोफाइल मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला देते हुए दोनों आरोपियों को मुंबई क्राइम ब्रांच की हिरासत में भेजा था। मुंबई क्राइम ब्रांच की सीआईयू यूनिट ने कोर्ट से आरोपियों की 4 दिन की कस्टडी की मांग की थी, जिसके बाद कोर्ट ने दोनों को 11 सितंबर तक क्राइम ब्रांच की कस्टडी में भेज दिया था। पुलिस को शक था कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई बड़ा रैकेट हो सकता है, इसलिए गहन पूछताछ जरूरी थी।
मामले की शुरुआत सोमवार रात को हुई थी, जब आरोपी रोहन पारिख जियो वर्ल्ड प्लाजा में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में घुसने की कोशिश कर रहा था। वह खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का अधिकारी बता रहा था और उसके पास पीएमओ का फर्जी आईडी कार्ड भी मिला था। उसके साथ उसका बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे भी मौजूद था, जो उसे वीआईपी प्रोटोकॉल दिलाने में मदद कर रहा था। सुरक्षा कर्मियों को शक होने पर जब आईडी की जांच की गई तो वह फर्जी निकली, जिसके बाद दोनों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पुलिस की शुरुआती जांच में मुख्य आरोपी की पहचान रोहन पारेख के रूप में हुई है, जो मुंबई के पॉश इलाके खार का रहने वाला है। उसके पिता का नाम प्रेमल पारिख बताया जा रहा है, जिनका मुंबई में बड़ा बिजनेस है। सुनवाई के दौरान आरोपी का पूरा परिवार कोर्ट में मौजूद रहा। दूसरे आरोपी की पहचान उसके बॉडीगार्ड दिलीप कुंदे के रूप में हुई।
क्राइम ब्रांच अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने यह फर्जी आईडी कहां से बनवाई, इसका इस्तेमाल पहले भी कहीं किया गया है या नहीं और इसका मकसद क्या था। पुलिस उसके मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
--आईएएनएस
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