फर्जी जॉब रैकेट का भंडाफोड़: नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार
नोएडा, 28 जुलाई (आईएएनएस)। नोएडा के सेक्टर-20 थाने की पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चार महिलाओं और दो पुरुषों सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, 11 फीस बुक, चार रसीद बुक, 22 प्रचार-प्रसार के पम्पलेट तथा 20 भर्ती से संबंधित भरे हुए फॉर्म बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह विभिन्न कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से पैसे वसूलता था।
पुलिस के मुताबिक, 27 जुलाई को साइबर टीम नोएडा जोन और थाना सेक्टर-20 पुलिस ने संयुक्त अभियान के तहत सेक्टर-27 स्थित अट्टा मार्केट की एक बिल्डिंग में छापेमारी की। यह कार्रवाई एक पीड़ित की सूचना के आधार पर की गई। मौके से पुलिस ने छह आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में श्वेता सिंह उर्फ प्रिया निवासी उन्नाव, नीजू यादव निवासी सेक्टर-22 नोएडा, कीर्ति सिंह उर्फ मीरा निवासी न्यू अशोक नगर दिल्ली, पूजा निवासी अशोक नगर दिल्ली, रूपेश कुमार निवासी चौड़ा गांव सेक्टर-22 नोएडा तथा आमीर राणा निवासी पिलखुआ जनपद हापुड़ शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बेरोजगार युवाओं को आकर्षक वेतन और प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर धनराशि वसूलते थे।
युवाओं को विश्वास में लेने के लिए फीस बुक, रसीद बुक और भर्ती से जुड़े दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस को मौके से बड़ी संख्या में प्रचार सामग्री और भर्ती फॉर्म भी मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को अपना शिकार बना रहा था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-20 में मुकदमा दर्ज किया है, जिसके अंतर्गत धोखाधड़ी और ऑनलाइन या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से छलपूर्वक ठगी करने के मामलों में कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाया और इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। पुलिस बरामद मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच कर रही है, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों और पीड़ितों की जानकारी मिल सके।
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि किसी भी निजी कंपनी में नौकरी के नाम पर बिना सत्यापन के किसी व्यक्ति या संस्था को पैसे न दें। नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, कार्यालय और भर्ती प्रक्रिया की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई व्यक्ति नौकरी दिलाने के बदले पैसे की मांग करता है या संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें, ताकि समय रहते ऐसी धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सके।
--आईएएनएस
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