नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार
नोएडा, 18 जुलाई (आईएएनएस)। गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन सीवाई - वज्र' के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए थाना फेस-1 क्षेत्र में संचालित दो फर्जी कॉल सेंटरों का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बीमा पॉलिसी मैच्योर कराने, कम ब्याज पर लोन दिलाने, क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने और इंडिगो एयरलाइंस इंडिया में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई के दौरान दोनों कॉल सेंटरों को सील कर दिया गया तथा साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, पेन ड्राइव और अन्य सामान बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 17 जुलाई को मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से थाना फेस-1 पुलिस ने 'ऑपरेशन सीवाई - वज्र' के तहत कार्रवाई की। अभियान के दौरान थाना स्तर पर चिन्हित किए गए करीब 159 संदिग्ध बैंक खातों और 19 रेड जोन की निगरानी की जा रही थी। जांच के दौरान लगभग 2500 मोबाइल नंबरों और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज शिकायतों का विश्लेषण किया गया, जिसके बाद इन दोनों फर्जी कॉल सेंटरों का खुलासा हुआ।
पहला फर्जी कॉल सेंटर सेक्टर-6 में संचालित किया जा रहा था। यहां से आरोपी तनुज कुमार गोयल और पंकज लोगों को कम ब्याज पर ऋण, बंद हो चुकी एलआईसी पॉलिसी का पैसा वापस दिलाने, बीमा पॉलिसी मैच्योर कराने, अधिक क्लेम दिलाने और क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी करते थे।
पुलिस ने इनके कब्जे से एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, 17 एटीएम कार्ड और एक चेकबुक बरामद की है। ठगी की रकम परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी और उनके एटीएम कार्ड आरोपी अपने पास रखते थे। वारदात के बाद मोबाइल, सिम कार्ड और डिजिटल साक्ष्य नष्ट कर दिए जाते थे।
दूसरा फर्जी कॉल सेंटर सेक्टर-2 में संचालित किया जा रहा था, जहां से आरोपी मोहित कुमार और आदेश यादव नौकरी की तलाश कर रहे लोगों का डेटा वेबसाइटों से हासिल करते थे। इसके बाद वे खुद को इंडिगो एयरलाइंस इंडिया का प्रतिनिधि बताकर कॉल करते और फर्जी जॉब ऑफर लेटर भेजकर रजिस्ट्रेशन तथा प्रोसेसिंग फीस के नाम पर हजारों रुपये की ठगी करते थे।
पुलिस ने यहां से दो कंप्यूटर, आठ मोबाइल फोन, एक पेन ड्राइव और पांच सिम कार्ड बरामद किए हैं। आरोपी ठगी के बाद इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड नष्ट कर देते थे और दूसरे लोगों के नाम पर नई सिम लेकर अपराध को अंजाम देते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि इन दोनों गिरोहों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर 25 से अधिक साइबर शिकायतें विभिन्न राज्यों से दर्ज हैं। नौकरी दिलाने वाले गिरोह के खिलाफ ही 15 से अधिक शिकायतें दर्ज मिली हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना फेस-1 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नोएडा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, नौकरी के ऑफर, बीमा पॉलिसी मैच्योर कराने, लोन या क्रेडिट कार्ड दिलाने के नाम पर मांगी जाने वाली रकम का भुगतान न करें। किसी भी संदिग्ध साइबर ठगी की सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
--आईएएनएस
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