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कभी दुनिया की सबसे मूल्यवान रियल एस्टेट कंपनी थी एवरग्रैंड, वीडियो में जाने 28 लाख करोड़ के कर्ज में डूबी तो पूरा साम्राज्य ढह गया

 

चीन की दिग्गज रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रैंड का अरबों डॉलर का साम्राज्य आखिरकार पूरी तरह खत्म हो गया। 2017 में दुनिया की सबसे मूल्यवान रियल एस्टेट कंपनियों में शुमार एवरग्रैंड को चीन की अदालत ने शुक्रवार को दिवालिया घोषित कर दिया। कंपनी पर करीब 300 अरब डॉलर यानी लगभग 28 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था। इससे ठीक एक दिन पहले कंपनी के संस्थापक हुई का यान को वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

हुई का यान की कहानी चीन के एक गरीब गांव से शुरू होकर देश के सबसे अमीर लोगों में शामिल होने और फिर जेल पहुंचने तक की है। कभी शहरी विकास और रियल एस्टेट के सपनों को बेचकर उन्होंने एवरग्रैंड नाम का विशाल कारोबारी साम्राज्य खड़ा किया था। कंपनी ने चीन के सैकड़ों शहरों में बड़े-बड़े आवासीय प्रोजेक्ट खड़े किए। कंपनी ने केवल रियल एस्टेट तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि फुटबॉल क्लब समेत कई दूसरे कारोबारों में भी विस्तार किया।

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एवरग्रैंड का बिजनेस मॉडल बेहद आक्रामक था। कंपनी जमीन खरीदकर प्रोजेक्ट शुरू करती और कई बार निर्माण पूरा होने से पहले ही फ्लैट ग्राहकों को बेच देती थी। ग्राहकों से मिलने वाली एडवांस रकम का इस्तेमाल अगले प्रोजेक्ट में किया जाता था। इस तरह एक प्रोजेक्ट से मिलने वाला पैसा दूसरे प्रोजेक्ट को शुरू करने में लगाया जाता रहा।यह मॉडल उस समय तेजी से काम करता रहा, जब चीन के रियल एस्टेट बाजार में लगातार तेजी थी। लेकिन कंपनी का पूरा साम्राज्य भारी कर्ज पर टिका हुआ था। जैसे ही चीन की सरकार ने रियल एस्टेट कंपनियों के लिए कर्ज लेने पर सख्ती शुरू की और नए कर्ज का प्रवाह सीमित हुआ, एवरग्रैंड के लिए अपने पुराने कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया।

इसके बाद कंपनी का संकट लगातार गहराता गया। कर्ज बढ़ता गया और कई प्रोजेक्ट अधूरे रह गए। एवरग्रैंड पर करीब 300 अरब डॉलर का कर्ज जमा हो गया। कंपनी के संकट का असर लाखों घर खरीदारों और निवेशकों पर भी पड़ा।

रिपोर्ट के मुताबिक एवरग्रैंड का कारोबार चीन के करीब 280 शहरों तक फैला था और उसके लगभग 1,300 प्रोजेक्ट अधूरे रह गए। कभी चीन के सबसे बड़े रियल एस्टेट साम्राज्यों में शामिल रही कंपनी अब भारी कर्ज और अधूरे प्रोजेक्ट्स की पहचान बन गई।कंपनी के संस्थापक हुई का यान के लिए भी यह गिरावट बेहद नाटकीय रही। कभी चीन के सबसे अमीर लोगों में शामिल हुए हुई का यान पर वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप लगे। अदालत ने गुरुवार को उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अगले ही दिन गुआंगडोंग की अदालत ने एवरग्रैंड को दिवालिया घोषित कर कंपनी को बंद करने की प्रक्रिया पर मुहर लगा दी।

एवरग्रैंड का पतन चीन के रियल एस्टेट सेक्टर के सबसे बड़े संकटों में से एक माना जा रहा है। यह मामला दिखाता है कि तेज विस्तार, ग्राहकों के एडवांस और भारी कर्ज पर आधारित कारोबारी मॉडल लंबे समय तक तभी टिक सकता है, जब बाजार लगातार बढ़ता रहे। जैसे ही कर्ज का प्रवाह रुका और प्रॉपर्टी बाजार में गिरावट आई, एवरग्रैंड जैसा विशाल साम्राज्य भी ताश के पत्तों की तरह बिखर गया।