SIR पर चुनाव आयोग का बड़ा निर्देश, 20 राज्यों में चलेगा विशेष अभियान; छूटे मतदाताओं को मिलेगा नाम जुड़वाने का मौका
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा निर्देश जारी किया है। जिन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां अब छूटे हुए मतदाताओं और नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। चुनाव आयोग ने यह निर्देश 29 सितंबर को लिखित रूप में दिया था और गुरुवार को सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में भी इसे दोहराया गया।
छूटे मतदाताओं को नाम जुड़वाने का मौका
चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक SIR के दौरान जिन पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे लगातार मतदाता सूची अपडेट करने की प्रक्रिया के तहत नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा 18 साल की उम्र पूरी कर चुके युवा और पहली बार वोट देने वाले मतदाता भी अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी यानी ERO के पास आवेदन किया जा सकता है।
आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और ERO को ऐसे मतदाताओं की पहचान कर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
20 राज्यों में SIR पूरा
चुनाव आयोग के मुताबिक अब तक 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं तीसरे चरण में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया चल रही है। चुनाव आयोग ने मई में तीसरे चरण के लिए 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया था।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि तीसरे चरण के बाकी राज्यों में अंतिम मतदाता संख्या की तस्वीर अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
महाराष्ट्र में करीब 2 करोड़ नामों पर असर
SIR के दौरान महाराष्ट्र में करीब 2 करोड़ मतदाताओं के फॉर्म उपलब्ध नहीं हो पाए थे। इनमें अनुपस्थित, स्थान बदल चुके, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं की श्रेणियां शामिल थीं। रिपोर्ट के मुताबिक इन नामों को ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किया गया था, हालांकि पात्र लोग निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
यहां यह समझना जरूरी है कि ड्राफ्ट सूची से नाम हटने का मतलब यह नहीं है कि सभी हटाए गए लोग अपात्र मतदाता हैं। चुनाव आयोग ने छूटे हुए पात्र मतदाताओं को नाम शामिल कराने के लिए आवेदन का रास्ता खुला रखा है।
SIR को लेकर लगातार उठ रहे सवाल
देशभर में SIR के दौरान बड़ी संख्या में नाम ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से बाहर होने को लेकर राजनीतिक दलों और अलग-अलग संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि अंतिम आंकड़े और पात्र मतदाताओं की स्थिति संबंधित राज्यों में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
विशेष अभियान के जरिए आयोग अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि SIR प्रक्रिया के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम छूट गया है तो उसे मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर मिल सके।