एकता कपूर के 'हिंदूफोबिया' बयान का पूनम पांडे ने किया समर्थन, बोलीं- मेरे धर्म को मेरे काम से मत जोड़ो
मुंबई, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। एकता कपूर के 'हिंदूफोबिया' वाले बयान पर एक्ट्रेस पूनम पांडे ने प्रतिक्रिया दी है। पूनम का कहना है कि जब वह मंदिर जाती हैं, तो कुछ लोग उनके कपड़ों और बोल्ड इमेज को देखकर हैरानी जताते हैं। लोग सवाल करते हैं कि बोल्ड कपड़े पहनने वाली एक्ट्रेस मंदिर क्यों जाती है। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने सीजेपी प्रोटेस्ट और एक्टर इमरान खान को भारत छोड़ने के निर्देश पर भी अपनी राय रखी।
पूनम पांडे ने एकता कपूर के बयान पर बात करते हुए कहा, ''मैं जब मंदिर जाती हूं, तो लोग हैरानी भरी नजरों से देखते हैं और कहते हैं कि अरे ये तो बोल्ड कपड़े पहनती हैं, ये तो ऐसी है। इसको क्या पड़ी है मंदिर जाने की। मेरा उन लोगों से सवाल है कि क्या मैं मंदिर नहीं जा सकती। मैं कट्टर हिंदू हूं। मुझे हनुमान चालीसा आता है। मेरे धर्म से मेरे काम को मत जोड़ो। एकता कपूर अगर अपने धर्म को फॉलो कर रही हैं, तो इसमें क्या दिक्कत है।
एकता कपूर ने एक पॉडकास्ट में बताया था कि तिलक लगाने और गले में धागा पहनने पर लोग उन्हें अजीब नजरों से देखते थे। कुछ लोग उन्हें 'तांत्रिक' तक कह देते थे। उन्होंने भारतीय पौराणिक कहानियों और धार्मिक पहचान को लेकर लोगों की सोच पर सवाल उठाए थे।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को लेकर भी पूनम पांडे ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, ''देश में जगह-जगह हो रहे प्रदर्शनों और उनमें छात्रों व पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबरें चिंता की बात हैं। दोनों के परिवार हैं। कुछ लोग इंसानियत खो रहे हैं। उनके अंदर नफरत दिख रही है, जो भविष्य के लिए अच्छा नहीं है, देश के लिए अच्छा नहीं है।''
पूनम ने कहा, ''किसी भी मुद्दे पर प्रदर्शन करने से पहले लोगों को यह समझना चाहिए कि वे किस बात का विरोध कर रहे हैं और उनकी मांग क्या है।''
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा, ''कुछ लोग बिना पूरी जानकारी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस्तीफा भी मांग रहे हैं। प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी और महत्व को समझना जरूरी है। कोई भी मुंह उठाकर किसी का भी इस्तीफा मांग रहा है। ये मजाक नहीं तो फिर क्या है।''
सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसी मुद्दे पर मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में भी प्रदर्शन हुआ था। इन प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया। सीजेपी के नेताओं की गिरफ्तारी और प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी विवाद हुआ। पूनम ने इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए कहा कि विरोध के दौरान हिंसा और नफरत की जगह इंसानियत को महत्व दिया जाना चाहिए।
एक्टर इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिए जाने पर भी पूनम पांडे ने प्रतिक्रिया दी। पूनम ने आईएएनएस से कहा, ''इमरान खान शानदार अभिनेता हैं। मेरे दिल में उनके प्रति काफी सम्मान है, लेकिन अगर आप अमेरिकी नागरिक हैं, तो मेरी आपसे विनती है कि आप देश की चीजों में दखलअंदाजी न करें। वैसे ही यहां पर ज्यादा ही ड्रामा चल रहा है। प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों को तो पता ही नहीं है कि प्रदर्शन हो किस मुद्दे पर रहा है।''
इमरान खान 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए प्रदर्शन में शामिल हुए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया। रिपोर्ट्स में उन्हें अमेरिकी नागरिक बताया गया है।
--आईएएनएस
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