‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ केवल कार्यक्रम नहीं, विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने का अभियान: राज्यपाल आचार्य
गुवाहाटी, 13 सितंबर (आईएएनएस)। असम देश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक समृद्धि के साथ ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों को सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से जोड़ने तथा विविधता में एकता की भावना को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है।
यह बात असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने रविवार को गुवाहाटी स्थित लोकभवन में उत्तर प्रदेश के 13 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल से संवाद के दौरान कही।
राज्यपाल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता है। अलग-अलग राज्यों की भाषा, संस्कृति, परंपरा, खान-पान और जीवनशैली भले ही अलग हों, लेकिन इन सभी के बीच भारतीयता की एक मजबूत कड़ी मौजूद है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों का एक-दूसरे के राज्यों में जाना और वहां की संस्कृति तथा परंपराओं को करीब से समझना राष्ट्रीय एकता को और मजबूती देता है।
उन्होंने कहा कि असम अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक विविधता के कारण देश-दुनिया के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है। राज्य में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। विकास के साथ पर्यटन, संस्कृति और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।
असम की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राज्य में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में लगातार काम हो रहा है। बेहतर संपर्क व्यवस्था से विकास की गति तेज होती है और पर्यटन, व्यापार तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।
उन्होंने कहा कि असम की विकास गाथा को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाना भी जरूरी है, ताकि लोग राज्य में हो रहे बदलावों और उपलब्ध संभावनाओं से परिचित हो सकें। लोकभवन की भूमिका पर राज्यपाल ने कहा कि राजभवन और लोकभवन जैसे संवैधानिक संस्थान जनता से संवाद और सेवा के केंद्र होने चाहिए। लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनभागीदारी और जनता से निरंतर संवाद बेहद जरूरी है।
उन्होंने मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मीडिया केवल खबरों को सामने रखने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने का भी सशक्त माध्यम है।
उत्तर प्रदेश से आए मीडिया प्रतिनिधिमंडल की असम यात्रा दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे असम की विकास यात्रा, संस्कृति और विरासत को देश के व्यापक हिस्से तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
--आईएएनएस
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