विकसित भारत 2047 का लक्ष्य पाने में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचा और उद्यमिता चार प्रमुख स्तंभ: नीति आयोग उपाध्यक्ष
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने शुक्रवार को कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचा और उद्यमिता 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए चार प्रमुख स्तंभ हैं।
'पाथवे-टू-विकसित भारत' इवेंट के साइडलाइन में मीडिया से बातचीत में लाहिड़ी ने कहा कि रोजगार पैदा करने के लिए उद्यमिता बहुत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में भारत को ऐसे लोगों की अधिक आवश्यकता है जो नौकरियां पैदा कर सकें।
उन्होंने कहा, "उद्यमिता बहुत महत्वपूर्ण है... अगर हर कोई नौकरी ही ढूंढ रहा है, तो हमें ऐसे लोगों की भी जरूरत है जो दूसरों को नौकरियां दे सकें।"
युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, लाहिड़ी ने कहा, "मैं इन युवा छात्रों को प्रोत्साहित करता हूं कि वे खुद उद्यमी बनें।"
लाहिड़ी ने खुशी जताते हुए कहा कि देश में उद्यमिता तेजी से बढ़ रही है और कई स्टार्टअप्स यूनिकॉर्न बनने में सफल हुए हैं। आईटी और एआई में भी कंपनियों को सफलता मिली है।
उन्होंने उद्यमिता के बारे में आगे बात करते हुए कहा कि लाल श्री राम और जमशेदजी टाटा ने करके दिखाया है कि उद्यमिता क्या कर सकती है।
वहीं, उत्पादकता में सुधार के बारे में बात करते हुए, उन्होंने बताया कि उत्पादकता इस बात पर निर्भर करती है कि मानव पूंजी, भौतिक पूंजी और उद्यमिता को किस तरह एक साथ मिलाया जाता है।
बुनियादी ढांचा पर लाहिड़ी ने कहा कि किसी भी देश के लिए उसका बुनियादी ढांचा बहुत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यही नहीं होगा, तो गांव से शहरों तक कैसे फलों या सामानों को पहुंचाया जाएगा। बिना इसके विकास संभव नहीं है।
इसके अलावा, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी) टैक्स को लेकर सवाल पूछे जाने पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने संभावित बदलावों को लेकर कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाते हुए कहा कि एलटीसीजी में किसी भी बदलाव में इक्विटी और आर्थिक दक्षता दोनों बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
--आईएएनएस
एबीएस