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ईडी की बड़ी कार्रवाई: भुल्लर और सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर छापे, 1.4 करोड़ रुपए फ्रीज

 

चंडीगढ़, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में 27 अप्रैल 2026 को व्यापक तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत चंडीगढ़, जालंधर, लुधियाना और पटियाला में स्थित कुल 11 ठिकानों पर की गई। ये स्थान पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके कथित सहयोगियों से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिनमें कई प्रॉपर्टी डीलर और संदिग्ध बेनामीदार शामिल हैं।

ईडी ने यह जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और एसीबी, चंडीगढ़ द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह एफआईआर आकाश बत्ता की शिकायत पर दर्ज की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि तत्कालीन डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर ने अपने कथित बिचौलिए कृषानु के माध्यम से रिश्वत की मांग की थी। आरोप के अनुसार, यह रिश्वत पी.एस. सरहिंद में दर्ज एक मामले को प्रभावित करने और शिकायतकर्ता के स्क्रैप व्यवसाय के खिलाफ किसी भी प्रतिकूल पुलिस कार्रवाई से बचाने के लिए मांगी गई थी।

इसके अलावा, भुल्लर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला भी दर्ज है। ईडी की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कई प्रॉपर्टी डीलरों और संबंधित व्यक्तियों के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकद जमा और ट्रांसफर किए गए। इन लेन-देन के पीछे आय का कोई वैध स्रोत नहीं पाया गया, जिससे यह आशंका मजबूत हुई कि बेहिसाब धन को विभिन्न खातों के जरिए घुमाकर निवेश किया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि संदिग्ध बेनामीदारों के नाम पर कई संपत्तियां खरीदी गईं। इन संपत्तियों के मूल दस्तावेज पहले ही सीबीआई द्वारा भुल्लर के आवास से बरामद किए जा चुके हैं, जो वास्तविक स्वामित्व की ओर इशारा करते हैं। ईडी की हालिया तलाशी में भी कई अहम दस्तावेज और साक्ष्य जब्त किए गए हैं।

बरामद संपत्तियों में चंडीगढ़, लुधियाना, कपूरथला, मोहाली और ज़ीरकपुर में स्थित आवासीय और कृषि भूमि शामिल हैं। छापेमारी के दौरान करीब 1.4 करोड़ रुपए की राशि जब्त या फ्रीज़ की गई है। इसके साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

ईडी ने कहा है कि इस मामले में जांच अभी जारी है और मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। एजेंसी का फोकस भुल्लर से जुड़े प्रॉपर्टी डीलरों, बिचौलियों और कथित रूप से शामिल सरकारी कर्मचारियों के बीच के गठजोड़ को उजागर करना है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

--आईएएनएस

एससीएच