कबूतरों से परेशान अपार्टमेंट वासियों के लिए आसान हैक वायरल, सीक की झाड़ू और थर्माकोल से मिलेगा समाधान
शहरों और खासकर अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोगों के लिए बालकनी में कबूतरों का जमावड़ा और उनकी गंदगी एक आम समस्या बन चुकी है। लगातार गंदगी फैलाने, बैठने और घोंसला बनाने की वजह से कई लोग परेशान रहते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर इन दिनों एक आसान और देसी जुगाड़ वायरल हो रहा है, जिसे लोग “5 मिनट का हैक” बता रहे हैं।
वायरल हो रहे इस घरेलू उपाय में सीक की झाड़ू और थर्माकोल का उपयोग करके कबूतरों को बालकनी से दूर रखने का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस आसान तरीके से बिना किसी खर्च के कबूतरों को दोबारा आने से रोका जा सकता है।
इस हैक के अनुसार, सीक की झाड़ू को बालकनी के उन हिस्सों में रखा जाता है जहां कबूतर अक्सर बैठते हैं। वहीं, थर्माकोल के टुकड़ों को ऐसे स्थानों पर लगाया जाता है जहां वे आराम से बैठ नहीं पाते। माना जाता है कि इन दोनों चीजों के असंतुलित और अस्थिर सतह जैसे प्रभाव के कारण कबूतर वहां टिककर नहीं बैठते और धीरे-धीरे उस जगह से दूर चले जाते हैं।
सोशल मीडिया पर यह तरीका तेजी से वायरल हो रहा है और कई लोगों ने इसे आजमाने की बात भी कही है। कुछ यूजर्स का कहना है कि यह एक सरल, सस्ता और बिना किसी केमिकल वाला उपाय है, जो अपार्टमेंट में रहने वालों के लिए काफी उपयोगी हो सकता है।
हालांकि, कुछ लोगों ने इस हैक को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया भी दी है। उनका कहना है कि यह तरीका हर जगह समान रूप से प्रभावी नहीं हो सकता, क्योंकि कबूतर अक्सर भोजन और सुरक्षित जगह की तलाश में वापस लौट आते हैं। कुछ यूजर्स ने यह भी सुझाव दिया है कि बालकनी को नियमित रूप से साफ रखना और भोजन के अवशेष न छोड़ना भी इस समस्या को कम करने में मदद कर सकता है।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, कबूतरों को पूरी तरह से हटाने की बजाय उन्हें नुकसान पहुंचाए बिना दूर रखने के उपाय अपनाना बेहतर होता है। इसके लिए नेट लगाना या फिजिकल बैरियर बनाना अधिक प्रभावी और सुरक्षित माना जाता है।
फिलहाल यह देसी जुगाड़ सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है और कई लोग इसे “घर का आसान समाधान” बता रहे हैं। खासकर शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग, जहां बालकनी छोटी होती है और कबूतरों की समस्या आम होती है, इस तरह के हैक्स को काफी दिलचस्पी से देख रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह वायरल ट्रिक एक बार फिर यह दिखाती है कि भारतीय जुगाड़ संस्कृति रोजमर्रा की समस्याओं का आसान और रचनात्मक समाधान खोजने में कितनी आगे है।