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ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में वकीलों, डीड राइटर्स का अनिश्चितकालीन धरना, 300 रजिस्ट्रियां प्रभावित

 

गौतमबुद्ध नगर, 19 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू की जा रही नई ई-पंजीकरण (ई-रजिस्ट्रेशन) व्यवस्था के विरोध में गौतमबुद्ध नगर के अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स ने मोर्चा खोल दिया है। विरोध स्वरूप वकील और डीड राइटर्स अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं, जिसके चलते जिले के प्रमुख सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में रजिस्ट्री का कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

जानकारी के अनुसार नोएडा के सेक्टर-33 स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय तथा ग्रेटर नोएडा के गामा-2 स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय में अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स ने कामकाज ठप कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा लागू की जा रही ई-पंजीकरण व्यवस्था से न केवल उनके रोजगार पर असर पड़ेगा, बल्कि आम लोगों को भी कई तकनीकी और कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

धरने पर बैठे अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती या इसमें आवश्यक संशोधन नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के कारण दोनों कार्यालयों में संपत्तियों की रजिस्ट्री का कार्य लगभग ठप हो गया है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि विरोध प्रदर्शन के चलते अब तक 300 से अधिक रजिस्ट्रियां लंबित हो चुकी हैं।

बड़ी संख्या में लोग अपने दस्तावेजों की रजिस्ट्री कराने के लिए कार्यालय पहुंचे लेकिन कार्य बाधित होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसका सीधा असर सरकारी राजस्व पर भी पड़ रहा है क्योंकि रजिस्ट्री शुल्क और स्टांप शुल्क के रूप में मिलने वाली आय प्रभावित हो रही है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू की है। इस नई व्यवस्था के तहत संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए लोगों को अनिवार्य रूप से सब रजिस्ट्रार कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। डिजिटल माध्यम से कई प्रक्रियाएं पूरी की जा सकेंगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होने का दावा किया जा रहा है।

हालांकि, गौतमबुद्ध नगर में इस नई व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने की तैयारी चल रही है लेकिन उससे पहले ही अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स के विरोध ने प्रशासन और सरकार के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।

--आईएएनएस

पीकेटी/पीएम