×

ई-ऑफिस में लापरवाही पर सख्ती, ‘गोल्डन आवर’ में कैशलेस इलाज का निर्देश: यूपी मुख्य सचिव

 

लखनऊ, 14 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए ई-ऑफिस को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ‘गोल्डन आवर’ में कैशलेस इलाज, सभी तहसीलों को एक माह में ई-ऑफिस से जोड़ने और यूपी दिवस के भव्य आयोजन सहित कई अहम फैसले साप्ताहिक समीक्षा बैठक में लिए गए।

मुख्य सचिव गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक सुधार, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, कृषि, पुलिस भर्ती और जनकल्याणकारी योजनाओं सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

ई-ऑफिस की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि यह प्रणाली प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन का सशक्त माध्यम है, जिसे प्रदेश के सभी जनपदों में पूरी तरह लागू किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कई जनपदों में ई-ऑफिस के समुचित उपयोग न होने पर नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी कार्यालयों में मैन्युअल व्यवस्था के स्थान पर केवल ई-ऑफिस के माध्यम से ही फाइलों का निस्तारण किया जाए। इसके लिए कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण और पुनः प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी तहसीलों को एक माह के भीतर ई-ऑफिस से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस का प्रभावी क्रियान्वयन सभी मुख्य विकास अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय आख्या का हिस्सा होगा। आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने या मौजूदा सिस्टम को अपग्रेड करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने चेतावनी दी कि जो अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से ई-ऑफिस का उपयोग नहीं करेंगे, उनका वेतन रोका जा सकता है, जबकि अब तक लॉग-इन तक न करने वाले कर्मियों का वेतन जारी न किया जाए। सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए ‘कैशलेस उपचार योजना’ की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि दुर्घटना के बाद के ‘गोल्डन आवर’ में समय पर और निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने जिलाधिकारियों को योजना से जुड़ी सभी औपचारिकताएं और प्रशिक्षण कार्यवाही तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परिवहन विभाग, पुलिस, अस्पतालों और राज्य स्वास्थ्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। यह सुविधा आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगी, इसके लिए हॉटस्पॉट क्षेत्रों के अस्पतालों को चिन्हित कर सूचीबद्ध किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों, तहसील मुख्यालयों और विकास खंड मुख्यालयों पर स्थायी हेलीपैड निर्माण का प्रस्ताव है। जिन स्थानों पर स्थायी हेलीपैड उपलब्ध नहीं हैं, वहां लोक निर्माण विभाग को एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। स्थल चयन के दौरान उड्डयन मानकों का पालन करते हुए सुरक्षित, खुले और सुगम प्रवेश-निकास वाले स्थानों को प्राथमिकता देने को कहा गया। फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को किसानों की फार्मर आईडी बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सभी शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य है और पीएम किसान योजना के शत-प्रतिशत लाभार्थियों की फार्मर आईडी आगामी 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से बनवाई जाए। इस कार्य की प्रतिदिन समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आयुष्मान कार्ड से वंचित परिवारों और सदस्यों को जोड़ने के लिए 90 दिनों का विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। अभियान के दौरान शत-प्रतिशत पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाने, निरंतर समीक्षा करने और सभी यूजर आईडी को सक्रिय रखने पर जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने बताया कि इस वर्ष पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा उपनिरीक्षक, आरक्षी और होमगार्ड के पदों पर भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की भागीदारी को देखते हुए उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को परीक्षा केंद्रों से संबंधित आवश्यक सूचनाएं एक सप्ताह के भीतर बोर्ड को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। यूपी दिवस-2026 के आयोजन को लेकर मुख्य सचिव ने कहा कि सभी जनपदों में इसका भव्य आयोजन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप जनपद स्तरीय समिति की बैठक कर तैयारियां पूरी की जाएं। कार्यक्रम के दौरान जिले में हुए विकास कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया जाए तथा राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कराया जाए।

--आईएएनएस

विकेटी/एएसएच