Dussehra 2026 : 120 सीसीटीवी कैमरे और कड़ी सुरक्षा का पहरा! जानिए आज पटना के गांधी मैदान में कैसे हो रहा है बिहार के सबसे ऊंचे रावण का दहन
पटना में दशहरा का सबसे बड़ा आकर्षण तैयार है! विजयादशमी के अवसर पर आज, 20 अक्टूबर 2026 को राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भव्य रावण वध कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस बार यहां 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। इसके साथ ही मेघनाद और कुंभकर्ण के विशाल पुतले भी जलाए जाएंगे। धार्मिक उत्साह, रामलीला के दृश्यों और आतिशबाजी के बीच होने वाला यह आयोजन हजारों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
90 फीट का रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण भी होंगे आकर्षण
गांधी मैदान में इस वर्ष रावण का पुतला 90 फीट ऊंचा तैयार किया गया है। वहीं, मेघनाद का पुतला 85 फीट और कुंभकर्ण का पुतला 80 फीट ऊंचा रखा गया है। आयोजकों के अनुसार, इस बार रावण का पुतला पिछले वर्ष के मुकाबले 10 फीट ऊंचा है।
तीनों पुतलों का दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होगा। कार्यक्रम में रामायण से जुड़े प्रसंगों को भी प्रस्तुत किया जाएगा। अशोक वाटिका और लंका दहन जैसे दृश्यों के जरिए भगवान श्रीराम की कथा को जीवंत करने की तैयारी है। पुतलों के दहन के बाद पर्यावरण को ध्यान में रखकर इको-फ्रेंडली आतिशबाजी का आयोजन भी प्रस्तावित है।
120 CCTV कैमरों और पुलिस की निगरानी में होगा आयोजन
गांधी मैदान में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है। आयोजन स्थल पर CCTV कैमरों, ड्रोन और सुरक्षा बलों की मदद से निगरानी की व्यवस्था की गई है। मैदान में बैरिकेडिंग की गई है और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग सेक्टरों में व्यवस्था बनाई गई है।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रावण दहन का कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो। प्रवेश और निकास द्वारों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि भीड़ के दबाव या किसी आपात स्थिति में लोगों को परेशानी न हो।
तय गेटों से मिलेगी एंट्री, ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव
कार्यक्रम में आम लोगों और विशिष्ट अतिथियों के लिए प्रवेश की अलग-अलग व्यवस्था रखी गई है। गांधी मैदान में प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच की जा सकती है, इसलिए लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।रावण दहन को लेकर पटना की कई प्रमुख सड़कों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित या डायवर्ट की जा सकती है। ऐसे में गांधी मैदान पहुंचने वाले लोगों को घर से निकलने से पहले लागू ट्रैफिक प्लान की जानकारी लेनी चाहिए और निजी वाहन के बजाय उपलब्ध सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने पर विचार करना चाहिए।
शाम को होगा रावण वध, इको-फ्रेंडली आतिशबाजी भी होगी
आयोजन की तैयारियां पूरी करने के लिए जिला प्रशासन और आयोजन समिति ने पहले ही समीक्षा की थी। कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित राज्य सरकार के अन्य मंत्रियों और गणमान्य लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।रावण दहन के दौरान गांधी मैदान में उत्सव जैसा माहौल रहने की उम्मीद है। परिवारों और बच्चों के लिए यह आयोजन विशेष आकर्षण रखता है, लेकिन भारी भीड़ के कारण लोगों को अपने बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होगी।
दशहरा क्यों मनाया जाता है?
दशहरा या विजयादशमी का पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और धर्म की अधर्म पर जीत का संदेश देता है। मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर माता सीता को मुक्त कराया था। रावण दहन इसी विजय का प्रतीक माना जाता है और लोगों को अहंकार, अन्याय तथा बुराई का त्याग करने की प्रेरणा देता है।पटना के गांधी मैदान में होने वाला रावण वध बिहार के प्रमुख दशहरा आयोजनों में गिना जाता है। इस वर्ष 90 फीट ऊंचे रावण, विशाल मेघनाद-कुंभकर्ण के पुतलों और सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के कारण यह आयोजन खास चर्चा में है।