दूसरे धर्म की आस्था से खिलवाड़ करने वाले सनातनी नहीं हो सकते: अखिलेश यादव
लखनऊ, 5 सितंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर शनिवार को योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करने और किसी की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले लोग कभी सच्चे सनातनी नहीं हो सकते।
अखिलेश यादव ने कहा कि सनातन धर्म ने उन्हें वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया है, जिसके अनुसार पूरा विश्व एक परिवार है और सच्चा सनातनी सद्भाव में विश्वास करता है। उन्होंने कहा कि एक सच्चा हिंदू कभी दूसरे का अपमान नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी समाज में सौहार्द बनाए रखना है, लेकिन भाजपा इस तरह के मामलों को सांप्रदायिक रंग देने का काम कर रही है। सहारनपुर की कार्रवाई को लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मस्जिद समिति को उच्च न्यायालय और फिर सर्वोच्च न्यायालय में अपील का अवसर नहीं मिलना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने सरकार के इशारे पर कार्रवाई की, ताकि संबंधित पक्ष को आगे की अदालत में न्याय पाने का मौका न मिल सके।
सपा प्रमुख ने सहारनपुर मामले को अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चंदे और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और श्रद्धालुओं के पैसे की कथित चोरी के मामले में जांच और एसआईटी की कार्रवाई के बाद भाजपा इस मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देकर जनता का ध्यान भटकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि जनता अब समझ चुकी है कि इस तरह के मुद्दों के पीछे क्या राजनीति हो रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए कि यदि किसी मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ सकती थी तो जल्दबाजी में ऐसी कार्रवाई क्यों की गई। उन्होंने पत्रकारों से भी अपील की कि किसी भी मामले को राजनीतिक दबाव या चमक-दमक के प्रभाव में तोड़-मरोड़कर पेश नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चा सनातनी वही है जो सद्भाव और भाईचारे में विश्वास करता है।
शिक्षक दिवस के मौके पर प्रतापगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और देश के भविष्य को दिशा देते हैं, लेकिन मौजूदा सरकार सरकारी विद्यालयों को बंद कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मर्जर के नाम पर बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों को बंद करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर मर्जर के नाम पर बंद किए गए करीब 26 हजार सरकारी स्कूलों को दोबारा खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि सपा संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव स्वयं शिक्षक रहे थे और वह शिक्षकों तथा बच्चों की समस्याओं को समझते थे। उनके कार्यकाल में हर ग्राम सभा में सरकारी स्कूल खोलने का लक्ष्य रखा गया था, ताकि गांव के हर बच्चे को शिक्षा मिल सके।
उन्होंने सरकार पर शिक्षा को लेकर प्रतिबंधात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज अभिभावक सरकारी स्कूल में जाकर अपने बच्चे की पढ़ाई और प्रगति के बारे में जानकारी लेने में भी असहज महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ा-लिखा बच्चा सवाल करेगा और यही वजह है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह रवैया देश के भविष्य के हित में नहीं है।
--आईएएनएस
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