डीएससी मार्ग और सेक्टर-79 टी-पॉइंट से डीएससी रोड तक का स्ट्रेच बनेगा ‘मॉडल रोड’, जाम से मिलेगी राहत
नोएडा, 11 अगस्त (आईएएनएस)। शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, सड़क सुविधाओं को आधुनिक स्वरूप देने और नोएडा की खूबसूरती बढ़ाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण सड़कों के कायाकल्प की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में नोएडा के प्रमुख संपर्क मार्ग डीएससी मार्ग को ‘मॉडल रोड’ के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। इसके साथ ही सेक्टर-79 टी-पॉइंट से डीएससी मार्ग तक के स्ट्रेच को भी मॉडल रोड के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है।
दोनों परियोजनाओं के प्रस्तावों को कंसलटेंट द्वारा तैयार कर सक्षम स्तर पर सैद्धांतिक स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। डीएससी मार्ग नोएडा के सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों में शामिल है। यह मार्ग कई औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है। एनएसईजेड, फेस-2, सेक्टर-80, सेक्टर-81 और हॉजरी कॉम्प्लेक्स जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में लोग इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। प्रतिदिन हजारों स्थानीय नागरिकों, कर्मचारियों, औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही इस सड़क से होती है।
विशेष रूप से सिंचाई नाले से कुलेसरा पुल तक का हिस्सा काफी व्यस्त रहता है। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि एलिवेटेड रोड से आने वाले भारी यातायात का दबाव इस मार्ग पर अधिक रहता है। इसके चलते सुबह और शाम के व्यस्त समय में कई स्थानों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, औद्योगिक इकाइयों से जुड़े लोगों और आम वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यातायात का दबाव कम करने और सड़क को व्यवस्थित बनाने के लिए इस पूरे हिस्से को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है।
प्रस्तावित योजना के तहत सिंचाई नाले से कुलेसरा पुल तक के मार्ग के विकास पर करीब 1,496.56 लाख की लागत आने का अनुमान है। वहीं, सेक्टर-79 टी-पॉइंट से डीएससी मार्ग तक के स्ट्रेच को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने के लिए करीब 1,057.14 लाख की लागत प्रस्तावित की गई है। दोनों परियोजनाओं के माध्यम से सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ नागरिकों के लिए सुविधाजनक और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
मॉडल रोड के रूप में विकास होने से सड़क की समग्र व्यवस्था को आधुनिक और व्यवस्थित स्वरूप मिलने की उम्मीद है। इससे यातायात संचालन में सुधार के साथ शहर के प्रवेश मार्गों और प्रमुख संपर्क मार्गों की तस्वीर भी बदलने की संभावना है। परियोजना का उद्देश्य केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यातायात सुगमता, नागरिक सुविधा और शहर की सुंदरता को एक साथ बेहतर करना है।
अधिकारियों के अनुसार, कंसलटेंट द्वारा तैयार किए गए दोनों प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति के लिए सक्षम स्तर पर भेज दिया गया है। स्वीकृति प्राप्त होते ही परियोजना पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कार्य को मंजूरी मिलने के बाद अगले छह माह के भीतर पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। इन दोनों मार्गों के मॉडल रोड के रूप में विकसित होने के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में आने-जाने वाले हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर पीक आवर्स में यातायात के दबाव को व्यवस्थित करने और जाम की समस्या को कम करने में यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
--आईएएनएस
पीकेटी/डीकेपी