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ड्रोन दीदी योजना से नूंह की लक्ष्मी को मिली नई पहचान, रोजगार के साथ मिला सम्मान

 

नूंह, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की ड्रोन दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। नूंह जिले के बसई खानजादा गांव की लक्ष्मी इस योजना का लाभ उठाकर न केवल ड्रोन संचालन में दक्ष हो गई हैं, बल्कि ड्रोन के माध्यम से कमाई भी कर रही हैं।

उपायुक्त अखिल पिलानी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से महिलाओं को आधुनिक तकनीक, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में ही रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। महिलाएं आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

बसई खानजादा निवासी लक्ष्मी 12वीं कक्षा तक पढ़ी हैं। करीब नौ वर्ष पहले वह हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं। स्वयं सहायता समूह की बैठकों और विभिन्न आजीविका गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के बाद जनवरी 2024 में उन्हें ड्रोन दीदी योजना के तहत ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण लेने का अवसर मिला।

लक्ष्मी ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया, जिसके बाद उन्हें गरुड़ एयरोस्पेस कंपनी का कृषि ड्रोन उपलब्ध कराया गया। इसके बाद उन्होंने किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव शुरू किया।

उन्होंने बताया कि वह आसपास के करीब 8 से 10 गांवों में किसानों के खेतों में ड्रोन से छिड़काव का काम कर रही हैं। पहले जिस काम को पूरा करने में चार से पांच मजदूरों को पूरा दिन लग जाता था, वही काम अब ड्रोन की मदद से करीब 30 से 40 मिनट में पूरा हो जाता है। इससे किसानों के समय और लागत दोनों की बचत हो रही है।

उन्होंने बताया कि ड्रोन संचालन उनके लिए आय का नया साधन बन गया है। वर्ष 2025 में उन्होंने करीब 60 हजार रुपए की आय अर्जित की, जबकि वर्ष 2026 में अब तक करीब 75 हजार रुपए की आय हो चुकी है। ड्रोन प्रशिक्षण और रोजगार मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और समाज में उनकी एक अलग पहचान भी बनी है।

अपने अनुभव साझा करते हुए लक्ष्मी ने बताया कि पहले उनकी आय का कोई निश्चित साधन नहीं था और वह मुख्य रूप से घर तक ही सीमित थीं। ड्रोन का प्रशिक्षण लेने के बाद जब उन्होंने खेतों में छिड़काव का काम शुरू किया तो आसपास के गांवों में लोग उन्हें ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से पहचानने लगे।

लक्ष्मी का कहना है कि इस काम से उनके आत्मविश्वास में काफी वृद्धि हुई है। अब वह अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक सहयोग कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि ड्रोन दीदी योजना ने उन्हें केवल रोजगार का अवसर ही नहीं दिया, बल्कि आत्मविश्वास और समाज में सम्मान भी दिलाया है।

लक्ष्मी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाओं से महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी