डीआरआई की बड़ी कार्रवाई : 19.41 करोड़ का 13 किलो विदेशी सोना जब्त, गुजरात में तस्करी गैंग का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार
अहमदाबाद, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सोने की तस्करी करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में लगभग 19.41 करोड़ रुपए मूल्य का 13.017 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया गया है और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह नेटवर्क गुजरात के अहमदाबाद और सूरत एयरपोर्ट के जरिए काम कर रहा था।
पुख्ता खुफिया इनपुट मिलने के बाद डीआरआई के अधिकारियों ने 16 अक्टूबर 2026 से 42 घंटे तक कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान पूरे रैकेट का खुलासा हुआ, जिसमें हवाई यात्रियों द्वारा तस्करी, हैंडलर्स को सोना सौंपना, वडोदरा में अवैध रूप से सोना पिघलाना और फिर ज्वेलरी आउटलेट के जरिए उसे बेचना शामिल था।
जांच में पता चला कि तस्कर बेहद चालाकी से सोना छिपाकर लाते थे। इसमें रोडियम की परत चढ़े सोने के पतले तार, ट्रॉली बैग की अंदरूनी परत में छिपाया गया सोना और बैग के अंदर सोने का पेस्ट बनाकर लाना शामिल था। भारत पहुंचने के बाद यह सोना एयरपोर्ट के बाहर हैंडलर्स को सौंप दिया जाता था।
इसके बाद बिचौलियों के जरिए इसे वडोदरा में स्थित एक अवैध सोना पिघलाने वाली यूनिट में भेजा जाता था, जिसे दुबई में बैठे एक फाइनेंसर का समर्थन प्राप्त था। पिघलाए गए सोने को बाद में अहमदाबाद की एक ज्वेलरी दुकान में भेजकर नकद में बेच दिया जाता था।
संयुक्त अभियान के दौरान लगभग 890 ग्राम सोना जब्त किया गया और 6.41 किलोग्राम अवैध रूप से पिघलाए गए सोने से जुड़े अहम सबूत बरामद हुए। ज्वेलरी दुकान की तलाशी में बिना दस्तावेज वाले विदेशी मूल के सोने के बिस्कुट मिले। साथ ही ऐसे रिकॉर्ड भी मिले, जिनसे पता चलता है कि लगभग 5.8 किलोग्राम तस्करी का सोना एक अलग हैंडलर के जरिए आया था, जो दुबई में बैठे सिंडिकेट के मुख्य फाइनेंसर से जुड़ा था।
इस अभियान ने तस्करी के सोने को लाने-ले जाने और खपाने में शामिल यात्रियों, हैंडलरों, बिचौलियों, सोना पिघलाने वाले ऑपरेटरों और ज्वेलर्स की मिलीभगत को उजागर किया है। कस्टम एक्ट, 1962 के तहत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
डीआरआई ने कहा कि यह कार्रवाई सोने की तस्करी के संगठित नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम है, जिसमें तस्करी के हर चरण, छिपाने से लेकर बाजार में बेचने तक, को निशाना बनाया गया है।
--आईएएनएस
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