दोस्ती, मस्ती और गहराई का अनूठा संगम है 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' का संगीत: शंकर महादेवन
मुंबई, 25 जुलाई (आईएएनएस)। किसी भी फिल्म की सफलता के पीछे अच्छी पटकथा और अभिनय के साथ-साथ संगीत का भी अहम रोल होता है। फिल्म 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' का संगीत हर किसी की प्लेलिस्ट का अहम हिस्सा है। फिल्म का संगीत तैयार करने वाले संगीतकार और गायक शंकर महादेवन का मानना है कि इन गानों की लोकप्रियता का मुख्य रहस्य इनमें छिपी सच्चाई और भावनाओं की गहराई है।
उन्होंने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि टीम ने कभी यह सोचकर गाने नहीं बनाए थे कि वे ट्रैवल एंथम या मशहूर गाने को इतनी लोकप्रियता मिलेगी। उन्होंने कहा, "उस समय हमने यह नहीं सोचा था कि 'दिल चाहता है' या 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' जैसे गाने ट्रेवल सॉन्ग या ऐतिहासिक बन जाएंगे। हम तो बस उन्हें पूरी ईमानदारी और लगन के साथ गाने को बना रहे थे। फिल्म में कई तरह की भावनाएं देखने को मिलती है, जैसे हंसी-मजाक, मस्ती और दोस्तों के बीच की शरारतें, जिससे पता चलता है कि तीन सबसे अच्छे दोस्त एक-दूसरे के साथ कैसे रहते हैं।
शंकर महादेवन ने आगे कहा कि फिल्म में भावनाओं की कई परतें हैं। अंत में समझ आता है कि यह सिर्फ दोस्ती और मस्ती की कहानी नहीं है, बल्कि इसमें गहरी भावनाएं भी जुड़ी हैं। फिल्म की हर परिस्थिति के लिए अलग-अलग गाने हैं।
उन्होंने सॉन्ग 'ख्वाबों के परिंदे' सुनने के पीछे के एहसास को समझाते हुए कहा, "यह गाना फिल्म के ऐसे पॉइंट पर आता है, जब आपको बिल्कुल अलग तरह का एहसास होता है। इसी तरह 'देर लगी लेकिन' और 'मैंने अब है जीना सीख लिया' जैसे गाने आपकी जिंदगी का हिस्सा बन सकते हैं। ये गाने आपको आपकी अपनी जिंदगी के सफर और अलग-अलग अनुभवों की याद दिलाते हैं। यही 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' के संगीत की खूबसूरती है।"
जोया अख्तर द्वारा निर्देशित फिल्म 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' का संगीत बहुत लोकप्रिय और दिल को छू लेने वाला है। इसे प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी शंकर-एहसान-लॉय ने तैयार किया था, जबकि इसके खूबसूरत और प्रेरणादायक बोल मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने लिखे थे।
फिल्म को 15 साल पूरे हो गए हैं, लेकिन इसका संगीत आज भी लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा है। फिल्म में कुल सात बेहतरीन गाने और दो रीमिक्स शामिल हैं, जो यात्रा, दोस्ती और जिंदगी को खुलकर जीने की भावना से जुड़े हैं। 'सेनोरिटा' गाने को खुद फिल्म के कलाकारों ऋतिक रोशन, फरहान अख्तर और अभय देओल ने मारिया डेल मार फर्नांडीज के साथ मिलकर गाया था, जो स्पेनिश और भारतीय धुनों का एक सुंदर मेल है।
--आईएएनएस
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