दोस्त ने हेलमेट से सिर पर वार कर की थी हत्या, धमतरी अदालत ने आजीवन सश्रम कारावास की सुनाई सजा
धमतरी, 29 अगस्त (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में साल 2024 में हुए चर्चित बीरेंद्र देवांगन हत्याकांड में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मानव वन और शिवा रिसॉर्ट के बीच मिले एक व्यक्ति के शव के मामले में अदालत ने आरोपी खुशवंत उर्फ खूबू साहू को हत्या का दोषी ठहराया है।
अपर सत्र न्यायाधीश एवं द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, धमतरी ने 27 अगस्त को दिए फैसले में आरोपी को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103(1) के तहत दोषी मानते हुए आजीवन सश्रम कारावास तथा 500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त छह माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार, 3 दिसंबर 2024 को बीरेंद्र देवांगन (55) निवासी पदमपुर के लापता होने की रिपोर्ट थाना सिहावा में दर्ज कराई गई थी। उसी दिन गंगरेल रोड पर मानव वन के पास एक लावारिस मोटरसाइकिल मिलने की सूचना पर थाना रूद्री पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में वाहन बीरेंद्र देवांगन का निकला।
लापता व्यक्ति की तलाश जारी थी कि 6 दिसंबर 2024 को मानव वन और शिवा रिसॉर्ट के बीच एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ। बाद में शव की पहचान बीरेंद्र देवांगन के रूप में की गई। पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्यों से हत्या की आशंका सामने आने पर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की।
थाना रूद्री पुलिस और साइबर टीम ने मामले की पड़ताल के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को खंगाला। जांच में आरोपी खुशवंत उर्फ खूबू साहू (37) की भूमिका सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, पुरानी रंजिश के चलते आरोपी ने अपने ही दोस्त बीरेंद्र देवांगन के सिर पर हेलमेट से वार कर उसकी हत्या कर दी थी। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया गया।
सत्र प्रकरण क्रमांक 20/2025 एवं थाना सिविल लाइन रूद्री अपराध क्रमांक 76/2024 में सुनवाई के दौरान अदालत ने सीसीटीवी फुटेज, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को महत्वपूर्ण मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
दोषसिद्ध आरोपी की पहचान खुशवंत उर्फ खूबू साहू निवासी गौरा चौक, कर्मा मंदिर के पास, धनोरा, जिला दुर्ग के रूप में हुई है।
इस मामले में धमतरी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और ठोस विवेचना के आधार पर आरोपी को सजा दिलाने को बड़ी सफलता बताया है। उत्कृष्ट जांच और प्रभावी विवेचना के लिए तत्कालीन थाना प्रभारी रूद्री उपनिरीक्षक अमित बघेल, उपनिरीक्षक लक्ष्मीकांत शुक्ला और सहायक उपनिरीक्षक घनश्याम वर्मा को पुलिस अधीक्षक धमतरी भावना पांडेय द्वारा पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की गई है।
पुलिस का कहना है कि आधुनिक तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन के कारण हत्या जैसे गंभीर मामले में आरोपी को सजा दिलाना संभव हो सका।
--आईएएनएस
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